रामायण सर्किट में नई पहचान गढ़ रहा चित्रकूट, तेजी से आकार ले रही ₹11.38 करोड़ की श्रीराम वाटिका

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उत्तर प्रदेश सरकार चित्रकूट को रामायण सर्किट के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में 11.38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही श्रीराम वाटिका ईको पार्क परियोजना तेजी से आकार ले रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, परियोजना का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और इसके पूर्ण होने के बाद चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का अनूठा अनुभव मिलेगा।

गणेशबाग क्षेत्र के बगरेही गांव के समीप विकसित किए जा रहे इस ईको पार्क का उद्देश्य केवल एक पर्यटन स्थल तैयार करना नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करना है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना चित्रकूट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

परियोजना के तहत पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पार्क की बाउंड्री वॉल का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा रबर फ्लोरिंग वाले वॉकिंग पाथ, पर्यटक सुविधा केंद्र, आकर्षक बैठने की व्यवस्था, कलात्मक इंस्टॉलेशन और बच्चों के लिए विशेष खेल क्षेत्र भी तैयार किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य सभी आयु वर्ग के पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है।

श्रीराम वाटिका की सबसे खास विशेषताओं में भगवान श्रीराम की वनगमन यात्रा को दर्शाने वाले लाल बलुआ पत्थर के भव्य म्यूरल्स शामिल हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु और पर्यटक भगवान श्रीराम के वनवास काल की यात्रा को करीब से महसूस कर सकेंगे।

परियोजना में 200 से 250 लोगों की क्षमता वाला एक ओपन-एयर एम्फीथिएटर भी बनाया जा रहा है। यहां रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोक कला कार्यक्रम और अत्याधुनिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा कैफेटेरिया और सामूहिक बैठकों के लिए गजेबो स्पेस का निर्माण भी अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, जिसका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

पार्क की प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर उद्यान विकास और हरित क्षेत्र तैयार किए जा रहे हैं। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों, धार्मिक पर्यटकों और परिवारों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा, जहां अध्यात्म और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि श्रीराम वाटिका ईको पार्क चित्रकूट की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देगा। उनके अनुसार यह परियोजना न केवल ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार, पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी गति प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद चित्रकूट रामायण सर्किट का और अधिक आकर्षक एवं विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।