Chhattisgarh News: अब तक का सबसे बड़ा बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन कड़ी मशक्कत के बाद सफल रहा। छत्तीसगढ़ के राहुल साहू को बोरवेल से सही सलामत बाहर निकाल लिया गया है। खुद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर हैंडल से दी। सीएम ने राहुल के लिए दुआएं करते हुए उसे बहादुर बेटा बताया है। फिलहाल राहुल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती है और उनका इलाज जारी है।

जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा विकासखंड के गांव पिहरीद में बोरवेल में 10 वर्षीय बालक राहुल साहू फंस गया था। जिसके रेस्क्यू में पूरा छत्तीसगढ़ प्रशासन लग गया था। करीब 104 घंटों की मेहनत के बाद राहुल को बचाया जा सका है। जानकारी के मुताबिक बोरवेल में एक सांप और मेंढ़क भी था,जिसके कारण हालात और गंभीर हो गए थे।
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बोरवेल की इस घटना पर पूरे छत्तीसगढ़ की निगाहें टिकी हुई थीं। खुद सीएम पल-पल की अपडेट अधिकारियों से ले रहे थे। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री बघेल ने बोरवेल में फंसे राहुल साहू के सकुशल बाहर आने पर खुशी व्यक्त करते हुए देर रात ट्वीट भी किया था।
सीएम ने अधिकारियों और रेस्क्यू टीम की सराहना करते हुए लिखा “माना कि चुनौती बड़ी थी,हमारी टीम भी कहां शांत खड़ी थी”,रास्ते अगर चट्टानी थे तो इरादे हमारे फौलादी थे”। आगे उन्होंने कहा कि सभी की दुआओं और रेस्क्यू टीम के अथक, समर्पित प्रयासों से राहुल साहू को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। वह जल्द से जल्द पूरी तरह से स्वस्थ हो यही हमारी कामना है।
सीएम ने इसके बाद एक और ट्वीट किया जिसमें वो अधिकारियों से वीडियो कॉल के जरिए पूरी जानकारी ले रहे थे। सीएम बघेल ने कहा हमारा बच्चा बहुत बहादुर है। उसके साथ सांप और मेंढ़क भी थे फिर भी उसने जीने की आस नहीं छोड़ी और अखिरकार वो जिंदगी की जंग जीत गया।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राहुल और उसके परिजनों पर आए संकट को लेकर मैं व्यक्तिगत रूप से भी बहुत चिंतित था। मैं पल-पल का अपडेट ले रहा था। मैंने राहुल के परिजनों से फोन पर बातचीत करके उन्हें भरोसा दिलाया था कि हम हर संभव प्रयास करेंगे।
Chhattisgarh News: मेगा ऑपरेशन के जरिए पूरा हुआ रेस्क्यू
104 घंटे तक 11 साल का राहुल बोरवेल में फंसा रहा। इस खबर से छत्तीसगढ़ प्रशासन के कान खड़े हो गए थे। राहुल के रेस्क्यू ऑपरेशन में राज्य सरकार ने पूरे प्रशासन को काम पर लगा दिया था। सीएम समेत जिले के कई अधिकारियों ने राहुल को बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। जानकारी के अनुसार 3 जिलों के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, जांजगीर कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला, एसपी विजय अग्रवाल, 4 आईएएस (IAS), 2 आईपीएस (IPS),1 एएसपी (ASP),2 डिप्टी कलेक्टर,5 तहसीलदार,4 डीएसपी,8 इंस्पेक्टर और करीब 300 से अधिक पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे।

साथ ही रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर के बचाव दल की टीम,32 एनडीआरएफ, 15 एसडीआरएफ और सेना के जवान समेत 500 अधिकारियों की टीम राहुल के निकलने तक डटी रही। राहुल को सकुशल निकालने के लिए मशीनों की भी मदद ली गई, जिसमें 4 पोकलेन, 6 जेसीबी, 3 फायर ब्रिगेड, हाइड्रा, स्टोन ब्रेकर, 10 ट्रैक्टर, होरिजेंटल ट्रंक मेकर जैसी मशीनें शामिल थीं।
राहुल के बोरवेल से निकलने के बाद उसे हाईटेक एंबुलेंस से ग्रीन कोरिडोर बना कर बिलासपुर के अपोलो अस्पताल ले जाया गया।
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