‘प्लेयर ऑफ द मैच’ कोहली बने, लेकिन वडोदरा वनडे जिताने वाले ये 5 धुरंधर रहे असली गेम-चेंजर

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IND vs NZ 1st ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज रविवार, 11 जनवरी 2026 को वडोदरा में हुआ और पहला मुकाबला आखिरी ओवर तक खिंचते रोमांच के बाद टीम इंडिया ने 4 विकेट से (1 ओवर शेष) अपने नाम कर लिया। इस जीत के नायक के तौर पर विराट कोहली को 93 रन की शानदार अर्धशतकीय पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। लेकिन जिसने भी पूरा मैच देखा, वह जानता है कि यह जीत किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास की कहानी थी – जहां अलग-अलग चरणों में पांच खिलाड़ियों ने निर्णायक योगदान देकर भारत को मंज़िल तक पहुंचाया।

शुभमन गिल: कप्तानी में संतुलन, बल्लेबाजी में समझदारी

कप्तान शुभमन गिल ने रन-चेज की नींव समझदारी से रखी। पावरप्ले में जब रोहित शर्मा आक्रामक थे, गिल ने स्ट्राइक रोटेशन की जिम्मेदारी संभाली। रोहित के आउट होने के बाद गिल ने गियर बदला और 3 चौकों व 2 छक्कों की मदद से 56 (71 गेंद) की सधी हुई पारी खेली। कोहली के साथ उनकी दूसरे विकेट की 117 (108 गेंद) की साझेदारी ने चेज को ट्रैक पर ला दिया, और यहीं से भारत का आत्मविश्वास लौटा।

श्रेयस अय्यर: 49 ने टीम को दी मजबूत स्थिति

चोट से लौटे उपकप्तान श्रेयस अय्यर ने दिखाया कि बड़े मैचों में वह क्यों भरोसेमंद हैं। गिल के आउट होने के बाद अय्यर ने कोहली के साथ 77 (76 गेंद) की अहम साझेदारी की और सिर्फ 47 गेंदों में 49 रन ठोककर स्कोरबोर्ड को रफ्तार दी। अर्धशतक से चूकना निराशा जरूर रहा, लेकिन 200 के पार पहुंचाने में उनका रोल निर्णायक था।

हर्षित राणा: उभरते ऑल-राउंडर की दस्तक

युवा हर्षित राणा ने मैच के दोनों हिस्सों में प्रभाव छोड़ा। गेंद से शुरुआती दो झटके (दोनों सलामी बल्लेबाज) देकर उन्होंने न्यूजीलैंड की रन-गति तोड़ी, और फिर बल्लेबाजी में आठवें नंबर पर 29 रन की बेखौफ कैमियो पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। केएल के साथ उन्होंने 37 (31 गेंद) रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। क्रिकेट हलकों में चर्चा रही कि अगर हर्षित अंत तक टिके रहते, तो ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ की रेस में उनका नाम भी आगे होता।

केएल राहुल: ग्लव्स से ब्रेकथ्रू, बल्ले से फिनिश

टीम के ‘मिस्टर कूल’ केएल राहुल ने दोहरी भूमिका निभाई। पहले विकेटकीपिंग में 2 कैच लेकर न्यूजीलैंड के मिडिल ऑर्डर पर लगाम लगाई, फिर दबाव में चोटिल खिलाड़ी (वाशिंटन सुंदर) के साथ मैदान पर टिककर चेज को नजदीक ले गए, सुंदर-राहुल के बीच 27 रनों की छोटी मगर मैच विनिंग साझेदारी हुई। 49वें ओवर में 2 चौके और 1 छक्का—यही वो पल थे, जिन्होंने मैच भारत की मुट्ठी में ला दिया। बताते चलें कि केएल ने नाबाद रहते हुए 21 गेंदों पर 29 रनों की शानदार मैच विनिंग पारी खेली।

मोहम्मद सिराज: ‘मियां मैजिक’ का असर

लंबे अंतराल के बाद वनडे में लौटे मोहम्मद सिराज ने नई गेंद से और मिडिल ओवर्स में सटीकता दिखाई। 8 ओवर, 40 रन, 2 विकेट—करीब 5 की इकॉनमी के साथ उन्होंने रन-फ्लो पर ब्रेक लगाया। उनका सबसे अहम शिकार सेट बल्लेबाज डेरिल मिचेल (84 रन) रहा, जिससे कीवी पारी की रफ्तार थमी और भारत को चेज में सांस मिली।

कोहली का क्लास, लेकिन जीत का फॉर्मूला ‘टीमवर्क’

विराट कोहली की 93 रन की पारी इस जीत का सबसे चमकदार अध्याय रही—क्लास, कंट्रोल और समय पर एक्सेलरेशन। लेकिन इस मुकाबले की असली कहानी यही है कि भारत ने मिले-जुले प्रदर्शन से जीत हासिल की। कप्तान की सूझ-बूझ, मिडिल ऑर्डर का योगदान, फिनिश में धैर्य और गेंदबाज़ी में सही समय पर ब्रेकथ्रू—इन सबने मिलकर वडोदरा को यादगार बना दिया।