Team India के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज Cheteshwar Pujara ने रविवार को काउंटी चैंपियनशिप में डर्बीशर के खिलाफ खेलते हुए अपने डेब्यू मैच में दोहरा शतक जड़ा। चेतेश्वर पुजारा ने दो साल बाद अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक बनाया है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका 51वां शतक है। ससेक्स के लिए खेलते हुए पुजारा और टॉम हेन्स ने मिलकर मुकाबले को ड्रॉ करवा दिया।
Cheteshwar Pujara इंग्लैंड में खेल रहे हैं काउंटी क्रिकेट
भारतीय टीम में वापसी के लिए जुटे चेतेश्वर पुजारा ने इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन 2 के मौजूदा सत्र के अपने पहले ही मैच में दोहरा शतक बनाते हुए मैच को ड्रॉ करवा दिया। पुजारा ने दूसरी पारी में शतक बनाकर टीम को चौथे और अंतिम दिन मैच बचाने की उम्मीद को जारी रखा। उसके बाद उन्होंने दोहरा शतक लगाकर मैच को बचा लिया।

दक्षिण अफ्रीका दौरे से बाहर हुए चेतेश्वर पुजारा ने दूसरी पारी में 387 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 201 रन बनाए। पुजारा ने ससेक्स के कप्तान और सलामी बल्लेबाज टॉम हेन्स के साथ मिलकर 351 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी के बदौलत ससेक्स की टीम मुकाबले को ड्रॉ करवाने में सफल रही।
काउंटी चैंपियनशिप में पुजारा दोहरा शतक लगाने वाले मात्र दूसरे भारतीय बने हैं, उनसे पहले पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने दो बार यह कारनामा कर चुके हैं। 1991 में उन्होंने लीसेस्टरशायर के खिलाफ 212 और 1994 में डरहम के खिलाफ 205 रनों की पारी खेली थी। यह दोनों दोहरे शतक उन्होंने डर्बीशायर की ओर से खेलते हुए जड़े थे। इफ्तिखार अली खान पटौदी के नाम भी काउंटी क्रिकेट में चार दोहरे दर्ज हैं, मगर उन्होंने यह स्कोर तब बनाए जब वह इंग्लिश टीम के क्रिकेटर थे।

ससेक्स के सलामी बल्लेबाज टॉम हेन्स ने 490 गेंदों का सामना करते हुए 243 रन बनाए। ससेक्स ने चौथे और अंतिम दिन का खेल खत्म होने के बाद 3 विकेट के नुकसान पर 513 रन बनाए। डर्बीशर ने पहली पारी आठ विकेट पर 505 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में ससेक्स की टीम पहली पारी में 174 रन पर ढेर हो गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था। पुजारा पहली पारी में सिर्फ छह रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे।
पुजारा के इस पारी से उनका आत्मविश्वास बढ़ा होगा। अगर वो इसी तरह की बल्लेबाजी करते रहते है तो इंग्लैंड दौरे के लिए उनका चयन टीम में हो सकता है। इंग्लैंड में भारतीय टीम को एकमात्र टेस्ट खेलना है। इस पारी के बाद भारतीय चयनकर्ताओं की नजर पुजारा पर पड़ी होगी। उनका यह दोहरा शतक मैच बचाने वाली पारी था।
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