राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस और नगर निगम (MCD) की टीम फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए पहुंची। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी कार्रवाई में बाधा डालते हुए अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। अब इस घटना से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि उग्र भीड़ गली में एक साथ आगे बढ़ती है और पुलिस पर पत्थर फेंकती है।
दंगों की धाराओं में मामला दर्ज, कई हिरासत में
इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें दंगों से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। यह एफआईआर पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। अब तक 5 से 6 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस को ड्रोन फुटेज, सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और मोबाइल से बनाए गए वीडियो भी मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि भीड़ को इकट्ठा करने के लिए एक-दो मैसेज सर्कुलेट किए गए थे।
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत की गई थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले को लागू कराना पुलिस की जिम्मेदारी होती है और उसी के तहत कार्रवाई की गई।
स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी
पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन की ओर से लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है। इलाके में बाजार बंद हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। भीड़ इकट्ठा होने की इजाजत नहीं दी जा रही है। मोहम्मद नाम के एक स्थानीय निवासी ने एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि उन्हें रात में घर के अंदर रहने का निर्देश दिया गया था और वे अंदर ही थे। उन्होंने साफ कहा कि जो पत्थरबाजी हुई, वह गलत थी।
जानकारी के अनुसार, कुछ जमात के लोग मस्जिद से निकले थे, जिन्होंने किसी से बातचीत नहीं की और केवल यह कहा कि वे दूसरी मस्जिद में जमात के लिए जा रहे हैं।
अफवाहों ने बिगाड़ा माहौल
स्थानीय मुस्लिम महिला समीना बेगम और उनके पति सिकंदर अली ने भी पत्थरबाजी की निंदा की। उन्होंने बताया कि यह अफवाह फैला दी गई थी कि मस्जिद को तोड़ा जाएगा, जबकि ऐसा नहीं था। उनका कहना है कि कार्रवाई सही थी, लेकिन अफवाहों के कारण माहौल बिगड़ा और पथराव हुआ, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।









