योगी सरकार की बड़ी पहल, SC-ST-OBC युवाओं को मिलेगी मुफ्त IAS-PCS आवासीय कोचिंग, 5 जुलाई को प्रवेश परीक्षा; इस दिन से क्लास शुरू

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उत्तर प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से अपनी निःशुल्क आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना को नए सत्र के साथ आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के पात्र अभ्यर्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह मुफ्त कराई जाएगी।

इस योजना के लिए 5 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी मंडलों में प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी। समाज कल्याण विभाग के अनुसार इस बार 10,175 अभ्यर्थी परीक्षा में भाग लेंगे। परीक्षा के बाद सफल उम्मीदवारों का चयन काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा और उन्हें प्रदेश के विभिन्न आवासीय कोचिंग केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा।

1 अगस्त से शुरू होंगी नियमित कक्षाएं

चयनित विद्यार्थियों के लिए नया शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा, जो 31 मई 2027 तक चलेगा। इस दौरान छात्रों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी।

सात आवासीय केंद्रों में मिलेगी मुफ्त सुविधा

प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग केंद्रों में कुल 865 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इन केंद्रों पर केवल कोचिंग ही नहीं, बल्कि आवास, भोजन, पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन भी पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

योजना के तहत 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जिन्होंने पहले से किसी प्रारंभिक परीक्षा (प्री) में सफलता हासिल की है और लेटरल एंट्री के माध्यम से कोचिंग में शामिल होना चाहते हैं।

गरीब प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

सरकार का मानना है कि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सपनों के आड़े नहीं आनी चाहिए। इसी सोच के साथ यह योजना शुरू की गई है, ताकि योग्य छात्र महंगी निजी कोचिंग संस्थाओं पर निर्भर हुए बिना गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।

आज निजी संस्थानों में आईएएस और पीसीएस की तैयारी पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, जो कमजोर आर्थिक वर्ग के छात्रों के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराना नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाना भी है। उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन के जरिए अधिक से अधिक युवा प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर समाज के विकास में योगदान दे सकेंगे।