मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, बोले– राजनीतिक साजिश का हिस्सा है पूरा केस

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित एमपीएमएलए (MP/MLA) विशेष अदालत में पेश हुए। यह पेशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में हुई। अदालत में राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।

अदालत में क्या हुआ?

राहुल गांधी करीब आधे घंटे तक अदालत में मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान औपचारिक कार्यवाही पूरी की गई और अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय कर दी। इस अगली तारीख पर राहुल गांधी की ओर से उनके वकील अदालत में सबूत और लिखित सफाई पेश करेंगे। पेशी पूरी होने के बाद राहुल गांधी सुल्तानपुर से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

वकील ने दी जानकारी

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि उनके मुवक्किल ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया है कि यह मामला कानूनी से ज्यादा राजनीतिक प्रकृति का है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी सुनवाई में तथ्यों और सबूतों के आधार पर स्थिति साफ हो जाएगी।

लखनऊ से सुल्तानपुर तक का सफर

जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी सोमवार सुबह लखनऊ पहुंचे थे। वहां से वे सीधे सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। उनकी पेशी से पहले सुल्तानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जगह-जगह “सत्यमेव जयते” लिखे पोस्टर लगाए, जिनका संदेश था— सत्य की हमेशा जीत होती है। इससे पहले से ही शहर में राजनीतिक हलचल तेज नजर आई।

2018 से चला आ रहा है मामला

यह मानहानि मामला साल 2018 का है। सुल्तानपुर के स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसी टिप्पणी को आधार बनाकर अदालत में मानहानि का केस दायर किया गया।

अब तक की कानूनी प्रक्रिया

पिछले करीब पांच वर्षों से यह मुकदमा अदालत में चल रहा है। दिसंबर 2023 में अदालत में उपस्थित न होने पर राहुल गांधी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। इसके बाद फरवरी 2024 में उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये की दो जमानतों पर रिहा कर दिया।

इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि यह पूरा मामला उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश है। अदालत ने बाद में शिकायतकर्ता को सबूत पेश करने का निर्देश दिया था।

आगे क्या?

अब सभी की नजरें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब राहुल गांधी की ओर से औपचारिक बचाव और साक्ष्य पेश किए जाएंगे। यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर आने वाले समय में सियासी बयानबाजी और रणनीति पर भी पड़ सकता है।