असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के बाद मंगलवार (12 मई) को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भी असम पहुंचे और नवनिर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की उपस्थिति में हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही असम में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने लगातार तीसरी बार सत्ता संभाली।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिमंता बिस्वा सरमा और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए सफल कार्यकाल की कामना की।
पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत
असम पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एयरपोर्ट पर भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। स्थानीय कलाकारों ने वाद्ययंत्रों और लोकनृत्य के जरिए उनका अभिनंदन किया।
पारंपरिक परिधान में मौजूद महिलाओं ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने जयकारों के साथ उनका अभिवादन किया, जिस पर सीएम योगी ने हाथ जोड़कर सभी का आभार जताया।
भाजपा ने दर्ज की बड़ी जीत
बताते चलें कि 4 मई 2026 को घोषित असम विधानसभा चुनाव परिणामों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत की हैट्रिक लगाई। 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि NDA गठबंधन का आंकड़ा 102 सीटों तक पहुंच गया।
वहीं कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और पार्टी महज 19 सीटों पर सिमट गई।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व, संगठन की मजबूत रणनीति और भाजपा के विस्तार अभियान ने राज्य में पार्टी की पकड़ को और मजबूत किया है।
2021 के मुकाबले और मजबूत हुई भाजपा
असम विधानसभा चुनाव 2021 की तुलना में भाजपा ने इस बार अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया है। 2021 में भाजपा को 60 सीटें मिली थीं, जबकि 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 82 तक पहुंच गया।
भाजपा का वोट शेयर भी बढ़कर 38.61 प्रतिशत हो गया, जो राज्य में पार्टी की मजबूत पकड़ का संकेत माना जा रहा है।
पूर्वोत्तर में भाजपा का बढ़ता प्रभाव
असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाना भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पूर्वोत्तर भारत में भाजपा पहले ही अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है और असम की यह जीत उस रणनीति को और मजबूती देती नजर आ रही है।









