क्या आप जानते हैं पिशाच, प्रेत और चुड़ैल में होता है अंतर? जानिए कितने प्रकार के होते हैं भूत

0
114

हम सभी बचपन से ही भूतों की कई कहानियां सुनते आ रहे हैं। ‘भूत’ एक ऐसा शब्द है जिससे इंसान के अंदर एक डर पैदा हो जाता है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो इसमें विश्वास करते हैं और कई लोग ऐसे भी हैं जो भूत-प्रेत को नहीं मानते। हम सभी को कहीं न कहीं भूत-प्रेत, चुडैलों के किस्से पढ़ने और सुनने का शौक होता ही है। जिंदगी और मौत के बीच की इस दुनिया को आज तक कोई समझ नहीं पाया है। भूत-प्रेत, चुडैलों के किस्से हम सभी को आकर्षित तो करते ही है साथ ही ये किस्से डराते भी है। हिन्दू धर्म की मानें तो पुनर्जन्म की मान्यता सदियों से चली आ रही है और लोग पुनर्जन्म को कहीं न कहीं मानते भी है। माना ये भी जाता है कि जब तक आत्मा को उसका अगला शरीर नहीं मिल जाता है आत्मा भटकती रहती है। हिन्दू धर्म में एक नहीं बल्कि भूत के अलग किरदार मौजूद हैं जो इंसान तो बिल्कुल भी नहीं है और भगवान का दर्जा उनको दे नहीं सकते। इन सबको इसलिए हमने भूत का दर्जा दिया है जो न तो भगवान की श्रेणी में आते है और ना ही इंसान की। क्या आप भी मानते हैं कि भूत होते हैं? अगर हां, तो आइए जानते हैं कि भूत कितने प्रकार के होते हैं…

पिशाच

हिंदू धर्म में पिशाच एक योनी है। पिशाच का अर्थ होता है वह भूत जो इंसानों का खून पीते हैं। पिशाच ईसाई धर्म की मान्यताओं में होते है जिन्हे आप ‘वैम्पायर’ से भी जोड़ सकते है। पिशाच योनी में इंसान की आत्मा तब जाती है जब वह अधूरी इच्छाओं के साथ मरा होता है।

प्रेत

भूतों में ये सबसे खतरनाक श्रेणी में आते हैं प्रेत का जिक्र आपको सिर्फ हिन्दू धर्म में ही नहीं मिलेगा बल्कि चीनी, जापानी, बौद्ध और वियतनामी संस्कृति में भी सुनने को मिल सकता है। प्रेत का मतलब होता है ‘भूखी और बुरी आत्माएं’। प्रेत अक्सर इंसानों को परेशान करते है और नुकसान पहुंचाते हैं। जो लोग अपने वर्तमान जन्म में गलत कामों में लिप्त रहते है वो मरने के बाद भी अपनी इच्छा अधूरी रहने के कारण बुरी आत्मा यानि कि प्रेत बन जाते है। प्रेत अगर पीछे पड़ जाए तो पीछा छुड़ाना मुश्किल हो जाता है।

चुड़ैल

माना जाता है कि खूबसूरत औरतें जो काले जादू करती हैं, पुरुषों को कष्ट देती है और फिर उनको मार डालती हैं वो मौत के बाद चुड़ैल बन जाती हैं। चुड़ैलों के पैर उलटे होते है और माना ये भी जाता है कि जिन औरतों पर जिंदा रहते हुए अत्याचार होता है वो मरने के बाद बदला लेने के लिए मरने के बाद चुड़ैल बन जाती हैं। महिला को चुड़ैल मानने की प्रथा भारत में ही नहीं बल्कि पश्चिम से पूरी दुनिया में फैली हुई है।

ब्रह्मराक्षस

माना जाता है कि ब्रह्मराक्षस वो शैतानी आत्माएं होती हैं जो जिंदा रहते हुए ब्राह्मण थे लेकिन बुरी आदतों के कारण ये ब्राह्मण तंत्र विद्या जैसी चीजों में लिप्त हो जाते है। ब्राह्मणों का काम होता है पूजा पाठ सही ढंग से करना और अपना पूजा-पाठ का काम उचित ढंग से ना करने के कारण ये लोग मरने के बाद ब्रह्मराक्षस बन जाते हैं। ब्रह्मराक्षस अगर किसी पर गुस्सा हो जाते हैं तो ये न सिर्फ उस व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार को खत्म कर देता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here