ठंड शुरू होते ही बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं। दिल्ली के अस्पतालों में दिल से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार मरीजों में 15-20 फीसदी का इजाफा हुआ है। दिल फेल होना, अटैक आना इस तरह की शिकायते लेकर मरीज अस्पतालों के दरवाजे पर पुहंच रहे हैं। कोरोना काल को देखते हुए डॉक्टर दिल से ग्रसित मरीजों को अधिक सावधानी बरतने को कह रहे हैं। खासतौर पर जिन्हें उच्च रक्तचाप और मधुमेह से जुड़ी समस्या है।
शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डिपार्ट के निदेशक डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी ने बताया कि ठंड शुरू होते ही हॉस्पीपटल मे 15-20 प्रतिशत मरीज हार्ट के मरीजों में इजाफा हुआ है। वहीं हार्ट फेल होने वालों की संख्या 25 प्रतिशत तक बढ़ी है।

इस बार सर्दी का मौसम जल्दी आने से पिछले साल की तुलना में मरीजों का यह फीसद ज्यादा है। जिनको पहले हार्ट अटैक आ चुका है और ब्लॉकेज की समस्या है उन्हें बेहद एहतियात बरतने की आवश्यकता है। सर्दी में दिल के पंप करने की क्षमता कम हो जाती है। जिससे रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है और हार्ट फेल हो जाता है।
डॉक्टर ने बताया कि, हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह से पीड़ित मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कारण रक्तचाप इस मौसम में बढ़ता है। अपने डॉक्टर की सलाह पर नियमित तौर पर जांच और दवाओं का सेवन जरूर करें। वरना थोड़ी सी लापरवाही से जान तक जा सकती है।
सर गंगाराम अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्ट के वरिष्ठ डॉक्टर अश्विनी मेहता के अनुसार हार्ट अटैक आने के कई कारण है। इसमें रक्तचाप का बढ़ना, तापमान में बदलाव होना और बढ़ता प्रदूषण एक मुख्य वजह है।

इस वक्त 18 फीसदी मरीज हार्ट अटैक और सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे है। साथ ही कोरोना महामारी के डर से काफी मरीज दिल संबंधी बीमारी होने पर उपचार के लिए आने से हिचकिचा रहे है। जबकि उन्हें उपचार के डॉक्टर का रूख करना चाहिए।
डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में जिन्हें रक्तचाप से जुड़ी कोई भी दिक्कत है उन्हें खान-पान का अधिक ख्याल रखना चाहिए। जिससे उनका बल्ड प्रेशर न बढ़ें। खाने में नमक का प्रयोग अधिक न करें। मौसमी फल के सेवन को बढ़ा दें रोजाना शारीरिक व्यायाम घर में रहकर करें। धुम्रपान बिल्कुल न करें बल्कि उसके धुएं से भी दूर रहें।
ठंड के समय गर्म कपड़े से खुद को कवर कर के रखें। सुबह के समय बाहर निकलने से बचें। बुजुर्ग व्यक्ति को अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। 40 से लेकर 60 वर्ष के उम्र के लोग भी अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहे क्योंकि ऐसे मौसम में हार्ट अटैक ज्यादा होते है। जिन परिवारों में हार्ट अटैक की कोई इतिहास रहा उनको ओर ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है।