Madhya Pradesh Panchayat Elections: मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव से जुड़े मामलों पर शुक्रवार दोपहर 2 बजे Supreme Court में सुनवाई हुई। जस्टिस खानविलकर की बेंच ने मामले की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं। अपने निर्देश में कोर्ट ने कहा- अगर संविधान के अनुरूप चुनाव हो रहे हैं तो कराएं अन्यथा चुनाव रद्द कर दें। राज्य निर्वाचन आयोग पर चुनाव कराने का फैसला छोड़ते हुए कोर्ट ने कहा कि आयोग खुद निर्णय ले चुनाव कैसे कराएं जाएं या नहीं कराए जाएं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में याचिका दाखिल कर कहा गया था कि हाई कोर्ट निकाय चुनाव से जुड़े मामलों की सुनवाई छुट्टियों के बाद करेगा। इसलिए मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करे।
बता दें कि Madhya Pradesh Panchayat Elections को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। 14 तारीख से नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई। पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे असंवैधानिक बताया था। कांग्रेस ने कहा था कि क्योंकि हर 5 साल में रिजर्वेशन का रोटेशन होता है इसलिए 2021 में 2014 के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता।
Madhya Pradesh Panchayat Elections मामले को SC ने वापस हाईकोर्ट भेजा था

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं कांग्रेस नेता सय्यद जाफर और जया ठाकुर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जाने को कहा था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद याचिकाकर्ता फिर से हाई कोर्ट पहुंचे तो कोर्ट के चीफ जस्टिस रवि कुमार मलिमठ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच ने तुरंत सुनवाई करने से इंकार कर दिया और इस मामले को लेकर 3 जनवरी 2022 की तारीख दी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले याचिकाकर्ताओं द्वारा Madhya Pradesh Panchayat Elections की अधिसूचना के खिलाफ MP हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। फिर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
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