Live Streaming: भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि भारत का सुप्रीम कोर्ट कोई तिलक मार्ग का सुप्रीम कोर्ट नहीं है, ये पूरे देश की सर्वोच्च अदालत है।जस्टिस चंद्रचूड़ ने ये बातें ओडिशा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।लाइव स्ट्रीमिंग के बारे में बोलते हुए सीजेआई डीवाई.चंद्रचूड़ ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में जजों को भी अपने बोलने पर ध्यान देना होगा।जज के तौर पर हमें प्रशिक्षित होने की जरूरत है।
Live Streaming: ओडिशा के 30 में से 20 जिलों में ई कोर्ट
Live Streaming: सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बीते शनिवार को कहा कि तकनीकी ने हाईकोर्ट की पीठों की आवश्यकता को लगभग समाप्त कर दिया है।अब हर जिले में एक वर्चुअल कोर्ट है। सीजेआई चंद्रचूड़ कटक में स्थित ओडिशा न्यायिक अकादमी में डिजिटाइजेशन, पेपरलेस कोर्ट्स और ई-पहल पर राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने ओडिशा के 30 में से 20 जिलों में ई कोर्ट स्थापित करने के हाईकोर्ट प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, जिलों में वर्चुअल कोर्ट की स्थापना ने ओडिशा हाईकोर्ट को “पूरे राज्य का सही मायने में प्रतिनिधि” होने में सक्षम बनाया है।
Live Streaming: टेक्नोलॉजी का दूसरा पहलू
Live Streaming: विभिन्न हाईकोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग का जिक्र करने के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि इन सुनवाइयों की कई मजाकिया क्लिप्स यूट्यूब पर मौजूद हैं, ये टेक्नोलॉजी का दूसरा पहलू है। यह जज के रूप में हमसे नई अपेक्षाएं रखता है।
सीजेआई ने कहा “हर शब्द जो हम जज अदालत में कहते हैं, वह सोशल मीडिया के युग में सार्वजनिक दायरे में है। ऐसे में जज के तौर पर हमें प्रशिक्षित होने की जरूरत है।” सीजेआई ने कहा कि कोर्ट में जो कुछ भी होता है, वो बहुत ही गंभीर बात है।
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