केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि संसद का शीतकालीन सत्र (Winter Session of Parliament) 7 दिसंबर से शुरू होगा, जो 29 दिसंबर तक चलेगा. उन्होंने कहा कि आगामी शीतकालीन सत्र कुल 23 दिन का होगा, जिसमें 17 बैठकें होंगी. इस सत्र के दौरान विधायी कार्य और अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.
क्या होगा खास?
उपराष्ट्रपति (Vice President) चुने जाने के बाद ये जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhad) का पहला सत्र होगा जब वह सदन में कार्यवाही का संचालन करेंगे. देश के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के चेयरमैन भी होते है. वहीं ये सत्र ऐसे समय में शुरू होगा जब गुजरात (Gujarat) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मतदान खत्म हो चुका होगा. हिमाचल और गुजरात चुनाव के नतीजे 8 दिसंबर को आएंगे.
शीतकालीन सत्र में क्या उम्मीद
खबरों के अनुसार आगामी शीतकालीन सत्र में कई विधेयकों को पारित करने की योजना बना रही है. वहीं, विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी जैसे जरूरी ओर आम आदमी से जुड़े हुए मद्दों पर चर्चा की मांग कर सकता है. सत्र के पहले दिन सदस्यों के दिवंगत सदस्यों को सम्मान देने की संभावना है.
मौजूदा सदस्यों के निधन को मद्देनजर रखते हुए आगामी सत्र का पहला दिन स्थगित होने की संभावना है. पिछले दिनों में जिन सांसदों का निधन हुआ है उनमें समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी शामिल हैं. मुलायम सिंह यादव 1996 से संसद के सदस्य थे.
भारत सरकार ने 29 सितंबर 2022 को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि शीतकालीन सत्र में एक संशोधित व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक पेश किया जाएगा. संसद की संयुक्त समिति द्वारा 81 परिवर्तनों और 12 “प्रमुख सिफारिशों” की सिफारिश करने के बाद 3 अगस्त को विधेयक के एक पुराने संस्करण को वापस ले लिया गया था. इसके बाद 18 नवंबर 2022 को केंद्र सरकार ने नए डेटा प्रोटेक्शन बिल का मसौदा जारी कर दिया था. बिल को लेकर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने, 17 दिसंबर तक सुझाव मांगे हैं.

इसके अलावा 31 अक्टूबर 2022 को अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र के दौरान राजद्रोह कानून पर गौर कर सकता है. भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, जो राजद्रोह से संबंधित है, में कहा गया है कि जो कोई भी “घृणा या अवमानना पैदा करता है या पैदा करने का प्रयास करता है, या उत्तेजित करता है या भारत में कानून द्वारा स्थापित सरकार के प्रति असंतोष भड़काने का प्रयास करता है” को देशद्रोह माना जा सकता है.
इससे पहले 11 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह कानून को ठंडे बस्ते में डाल दिया था और राज्य सरकारों और केंद्र से अनुरोध किया था कि वे इस नियम के तहत कोई नया मामला तब तक दर्ज न करें जब तक कि इसकी दोबारा जांच न हो जाए.
बिना किसी कोरोना प्रोटोकॉल के हो सकता है सत्र का आयोजन
2020 से कोरोना से जुझ रही दुनिया अब खुलने लगी है. वहीं, कोरोना की स्थिति को देखते हुए और चूंकि लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के ज्यादातार सदस्यों और कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है, इसलिए बिना किसी कोरोना प्रतिबंध के सत्र आयोजित होने की संभावना है. हालांकि, पिछले दो सालों में कोविड की वजह से संसद सत्र पर असर पड़ा था. इससे पहले के सत्रों में शाम के समय में लोकसभा की कार्यवाही होती थी, वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही सुबह के सत्र में आयोजित की जाती थी.
राहुल गांधी नहीं लेंगे हिस्सा
कांग्रेस के सूचना विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा है कि इस संसद के शीतकालीन सत्र में वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शामिल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उस समय वह भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त होंगे. कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी यात्रा को बीच में छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहते.
यही वजह है कि राहुल गांधी हिमाचल प्रदेश में हुए हालिया विधानसभा चुनाव में भी कोई भी रैली करने के लिए नहीं गए थे. हालांकि, गुजरात और हिमाचल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने राहुल और सोनिया गांधी समेत 40 बड़े नेताओं का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया था.
पुराने संसद भवन में ही आयोजित होगा सत्र
इसे अलावा संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के पुराने भवन में ही आयोजित होने के आसार हैं क्योंकि नये संसद (Parliament) भवन के कुछ हिस्सों के निर्माण का काम पूरा होने की जो निर्धारित समयसीमा थी, वह आगे बढ़ गई है. समाचार एजंसी भाषा की एक खबर के मुताबिक, सरकार की कोशिश शीतकालीन सत्र (Winter Session 2022) से पहले निर्माण के काम को पूरा कर लेने की थी. सूत्रों ने बताया कि यह इमारत एक अहम और जटिल परियोजना है, जिसका निर्माण बेहद ही चुनौतीपूर्ण समयसीमा के भीतर किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य चौबीसों घंटा चल रहा है. लेकिन अभी भी कुछ हिस्सों का काम बचा हुआ है.

कोई तय तारीख नहीं
खबर के मुताबिक, नये संसद भवन का सिविल काम-काज लगभग पूरा हो चुका है लेकिन आखिर दौर का काम और बिजली का काम इस साल के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. सूत्रों ने बताया कि निर्माण कार्य की गति में तेजी लाने के लिए फर्नीचर, कालीन, दीवार पेंटिंग और भवन को सुसज्जित करने के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर भवन निर्माण का काम भी चल रहा है.
18 जुलाई से 8 अगस्त तक चला था संसद का मानसून सत्र
इससे पहले संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से 8 अगस्त के बीच आयोजित किया गया था. इस दौरान 22 दिनों की अवधि में 16 सत्र हुए थे. इस सत्र के दौरान लोकसभा में छह विधेयक पेश किए गए थे. वहीं, सात विधेयक लोकसभा और पांच विधेयक राज्यसभा द्वारा पारित किए गए थे. एक विधेयक डेटा प्रोटेक्शन बिल) को वापस ले लिया गया था. पिछले सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की कुल संख्या 5 थी. मानसून सत्र के दौरान, दोनों सदनों में मूल्य वृद्धि (महंगाई) सहित 5 अल्पकालिक चर्चाएं (Short Duration Discussions) की गई थी.