2047 के विकसित उत्तर प्रदेश का विजन तैयार, कृषि, MSME और नवाचार पर योगी सरकार का बड़ा फोकस

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उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार ने व्यापक विकास मॉडल तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार यह विजन “अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति” की अवधारणा पर आधारित है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक, औद्योगिक और तकनीकी रूप से देश का सबसे मजबूत राज्य बनाना है।

सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश केवल जनसंख्या के लिहाज से नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना के मामले में भी देश की दिशा तय करेगा। इसी सोच के तहत कृषि, एमएसएमई, डिजिटल अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और सुशासन को विकास की मुख्य धुरी बनाया गया है।

तेजी से बढ़ रही यूपी की अर्थव्यवस्था

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। वर्ष 2020-21 में प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) जहां 16.83 लाख करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

करीब 356 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश अब देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश की लगभग 24 करोड़ आबादी और बड़ी युवा कार्यशील शक्ति को सरकार विकास का सबसे बड़ा इंजन मान रही है।

15 से 59 वर्ष की आयु वर्ग की आबादी लगभग 62.80 प्रतिशत है, जिसे कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता से जोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है।

कृषि और MSME बने विकास के प्रमुख आधार

योगी सरकार ने “अर्थ शक्ति” मॉडल के तहत कृषि और एमएसएमई सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी है। प्रदेश पहले से ही गन्ना, खाद्यान्न और दूध उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब कृषि को तकनीक, वैल्यू एडिशन और एग्री-बिजनेस से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है।

वहीं एमएसएमई सेक्टर को प्रदेश की औद्योगिक रीढ़ माना गया है। ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) योजना, निवेश मित्र पोर्टल और नई औद्योगिक नीतियों के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

डिजिटल यूपी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश

प्रदेश में ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ “डिजिटल प्रदेश” की अवधारणा को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

इसके साथ ही योगी सरकार एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक पार्क और डिफेंस कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसे प्रोजेक्ट्स ने यूपी को देश के सबसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल कर दिया है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाराणसी और कुशीनगर एयरपोर्ट के जरिए प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी भी मजबूत हो रही है।

धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

सरकार ने “आस्था को सम्मान” की नीति के तहत धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की रणनीति बनाई है।

अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज जैसे धार्मिक शहरों में बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी नई गति मिल रही है।

सुशासन और कानून व्यवस्था बनी निवेश का आधार

योगी सरकार का दावा है कि मजबूत कानून-व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन ने उत्तर प्रदेश को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।

सरकार “जीवन शक्ति” मॉडल के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक विकास पर विशेष फोकस कर रही है। युवाओं को कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ निवेश और उद्योगों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब विकास की प्रक्रिया में गांव, किसान, युवा, महिलाएं और उद्योग सभी बराबरी से भागीदार बनें।