Supreme Court: हनुमान जन्मोत्सव और राम नवमी के अवसर पर सात अलग-अलग राज्यों में हुई हिंसा मामले की जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। हनुमान जन्मोत्सव और रामनवमी के अवसर पर हुई घटनाओं की जांच NIA को सौंपे जाने। घटना के राष्ट्रविरोधी और ISIS जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के संबंधों का पता लगाने की मांग भी याचिका में की गई है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है।

Supreme Court: सभी घटनाएं संयोग मात्र नहीं
इस पूरे मामले पर याचिकाकर्ता का कहना है कि कई राज्यों में हुई ऐसी घटनाएं सिर्फ संयोग मात्र नहीं हो सकतीं। इनके तार आपस मे जुड़े होने की आशंका है। लिहाजा राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी मामलों की साझा जांच NIA के हवाले करने की सख्त जरूरत है।
Supreme Court: 7 से अधिक राज्यों में हुई हिंसक घटनाएं

हनुमान जन्मोत्सव से पूर्व रामनवमी पर देश के करीब 10 राज्यों में हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। इस दौरान पथराव और आगजनी की घटना भी हुई। दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में साम्प्रदायिक तनाव देखने को मिला।
इस दौरान देश के प्रमुख शहरों में बवाल भरा माहौल बन गया। गुजरात का हिम्मतनगर और खंभात, मध्य प्रदेश का खरगोन, झारखंड का लोहरदगा, पश्चिम बंगाल का बांकुरा, दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, गोवा का वास्को और बिहार का मुजफ्फरपुर प्रमुख रूप से शामिल है।
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