साइंस कॉन्क्लेव में बोले PM Modi- जय अनुसंधान की राह पर चल पड़ा है देश

पीएम मोदी ने कहा कि जब ज्ञान-विज्ञान से हमारा परिचय होता है तब संसार की सभी संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है।

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कार्यक्रम को संबोधित करते पीएम मोदी

PM Modi: दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गुजरात के अहमदाबाद में सेंटर-स्टेट साइंस कॉन्क्लेव के दो दिवसीय समारोह का शुभारंभ किया। यह सम्मेलन 10 से 11 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के विकास में साइंस उर्जा की तरह है, जिसमें हर क्षेत्र के विकास को बहुत गति देने का सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि आज जब भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने की तरफ बढ़ रहा है, तो उसमें देश की साइंस और इस क्षेत्र के जुड़े लोगों की भूमिका बहुत अहम हैं। ऐसे में नीति निर्माताओं और शासन प्रशासन से जुड़े लोगों का दायित्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि अहमदाबाद के इस साइंस सिटी में हो रहा यह मंथन आपको एक नई प्रेरणा देगा। साइंस को प्रोत्साहित करने के उत्साह से भर देगा।

PM Modi: चौथी औद्योगिक क्रांति की तरफ बढ़ रहा है भारत

पीएम मोदी ने कहा कि जब ज्ञान-विज्ञान से हमारा परिचय होता है तब संसार की सभी संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। उन्होंने कहा कि समाधान और नवाचार का आधार ही विज्ञान है। इसी प्रेरणा से आज का नया भारत जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ ही जय अनुसंधान का आह्वान करते हुए आगे बढ़ रहा है।

भविष्य को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने खोजे कई रास्ते -PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि अगर हम पिछली शताब्दी के शुरुआती दशकों को याद करें, तो पाते हैं कि दुनिया में किस तरह तबाही और त्रासदी का दौर चल रहा था। लेकिन उस दौर में भी बात चाहे ईस्ट की हो या वेस्ट की, हर जगह के साइंटिस्ट अपनी महान खोज में लगे हुए थे। पश्चिम में आइंस्टाइन, फर्मी, मैक्स प्लांक, नील्स बोर, टेस्ला जैसे अनेक साइंटिस्ट अपने प्रयोगों से दुनिया को चौंका रहे थे। उसी दौर में सीवी रमन, जगदीश चन्द्र बोस, सत्येंद्रनाथ बोस, मेघनाथ साहा, एस चन्द्रशेखर जैसे अनगिनत वैज्ञानिक अपनी नई-नई खोज सामने लेकर आ रहे थे। इन सभी ने भविष्य को बेहतर बनाने के कई रास्ते खोजे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार विज्ञान आधारित विकास की सोच के साथ काम कर रही है। 2014 के बाद से साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश में काफी वृद्धि की गयी है। सरकार के प्रयासों से आज भारत वैश्विक नवाचार सूचकांक में 46वें स्थान पर है, जबकि 2015 में भारत 81 नंबर पर था। उन्होंने कहा कि इस अमृतकाल में भारत को रिसर्च और इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए हमें एक साथ अनेक मोर्चों पर काम करना है। अपनी साइंस और टेक्नोलॉजी से जुड़ी रिसर्च को हमें लोकल स्तर पर लेकर जाना है।

सेंटर-स्टेट साइंस कांक्लेव को संबोधित करते पीएम मोदी
सेंटर-स्टेट साइंस कांक्लेव को संबोधित करते पीएम मोदी

देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को जमकर करें सेलिब्रेट-मोदी

वहीं, प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने अपने वैज्ञानिकों के काम को उतना सेलिब्रेट नहीं किया, जितना किया जाना चाहिए था। इस वजह से साइंस को लेकर हमारे समाज के एक बड़े हिस्से में उदासीनता का भाव पैदा हो गया है। एक बात हमें याद रखनी चाहिए, जब हम कला को सेलिब्रेट करते हैं तो हम और नए कलाकारों को प्रेरणा भी देते हैं और पैदा भी करते हैं। उसी तरह जब हम अपने वैज्ञानिकों के उपलब्धियों को सेलिब्रेट करते हैं, तो साइंस हमारे समाज का स्वभाविक हिस्सा बन जाती है। वो पार्ट ऑफ कल्चर बन जाती है। इसलिए, आज सबसे पहला मेरा आग्रह यह ही है, आप सभी राज्यों से आए हुए लोगों से कि हम अपने देश के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को जमकर सेलिब्रेट करें। उनका गौरवगान करें। कदम-कदम पर हमारे देश के वैज्ञानिक हमे अपनी खोज से इसका अवसर भी दे रहे हैं। आप सोचिए आज भारत अगर कोरोना की वैक्सीन विकसीत कर सका है, दो सौ करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज लगा सका है, तो उसके पीछे हमारे वैज्ञानिकों की कितनी बड़ी ताकत है। ऐसे ही आज हर क्षेत्र में भारत के वैज्ञानिक कमाल कर रहे हैं।

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