Less Carbon Intensive Economy: आम बजट में लोगों के लिए लोकलुभावन पिटारा खुलेगा या नहीं लेकिन पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बड़े कदम उठाए जाने की संभावना है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस वर्ष सरकार का फोकस less carbon intensive economy बनाना है। इसका सीधा मतलब हम पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा के विस्तार से मान सकते हैं।
केंद्र सरकार बढ़ते प्रदूषण और कम होते संसाधनों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही कई योजनाओं का निर्वहन कर रही है। अक्षय ऊर्जा यानी Renewable Energy के concept पर 175 GW Energy का निर्माण पूरे देश में करने के मकसद से आम बजट 2022-23 Union Budget में विशेष planning की जा रही है।

Renewable Energy के पांच प्रमुख Sources से बन रही ऊर्जा
Less Carbon Intensive Economy: देश के कई इलाकों Renewable Energy अक्षय ऊर्जा पर आधारित कई योजनाएं संचालित हैं। इसमें सबसे पहला स्थान सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायो एनर्जी स्मॉल हाइड्रो, विंड सोलर हाइब्रिड प्रमुख हैं। इसमें सबसे बड़ा योगदान 85.14 प्रतिशत सौर ऊर्जा यानी Solar Energy का आता है।
इस बजट में सरकार सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के मकसद से इसकी परियोजना का विस्तार कर रही है। वर्तमान में केंद्र सरकार की किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान जिसे (KUSUM) के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर एग्रीकल्चर पंप लगाए गए हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार इस बजट में किसानों को सिंचाई एवं अन्य कृषि कार्यों को पूरा करने में मदद के लिए कई सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए वित्त मंत्रालय को सुझाव भेजे गए हैं। डीजल जनरेटर की जगह सोलर पंप के अधिक इस्तेमाल पर जोर देने के साथ ही मिलने वाले वित्तीय अनुदान (Financial Grant) बढ़ाने की बात कही है।
सोलर पार्क Solar Park की संख्या बढ़ेगी
Less Carbon Intensive Economy: देश में अभी 65 लाख से अधिक सोलर लैंप, 2 लाख से अधिक सोलर लाइट, 17 लाख से अधिक घरों में सोलर लाइटिंग सिस्टम और 212 मेगावाटपीक MWp क्षमता के सोलर पार्क हैं। इस बजट में इनकी संख्या बढ़ाए जाने की उम्मीद है। इसका मकसद किसानों को खुशहाल रखने के साथ ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में नए स्टैंडअलोन सौर पंप स्थापित करने। मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सोलराइज करना है। जिससे किसानों को सिंचाई का विश्वसनीय स्रोत मिलेगा, आय बढ़ेगी।

गुजरत के कच्छ में बनेगा देश का सबसे बड़ा सोलर पार्क
Less Carbon Intensive Economy: गुजरात के कच्छ में पिछले वर्ष जुलाई को ही देश के सबसे बड़े सोलर पार्क बनाने को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली है। यहां करीब 4,760 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। आम बजट में परियोजना के विस्तार के साथ ही आंध्र प्रदेश के सिम्हाद्री में Floating Solar ताप विद्युत संयंत्र के लिए पैकेज और लेह, लद्दाख सोलर पोर्ट ओर सोलर ट्री योजनाओं को बढ़ाने पर वित्त मंत्रालय से बात की जा रही है। उम्मीद है कि इस बजट में योजनाओं के लिए काफी कुछ मिलेगा।
फिलहाल देश में चल रहे 42 Solar Parks: देशभर में फिलहाल करीब 42 सोलर पार्क Solar Parks चल रहे हैं। आम बजट में इन प्लांट के रखरखाव, निर्माण, आधारभूत संरचना विस्तार करने पर केंद्र सरकार योजना बना रही है। सरकार का मकसद इस वित्तीय वर्ष में किसान को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता बनाना है।
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