Lockdown: कोविड-19 की भारत में दस्तक के साथ ही दो वर्ष पहले किसी को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी, कि मार्च 2020 शुरू होते ही उनकी जिंदगी घरों के अंदर कैद हो जाएगी। पार्टी, समारोह, दोस्तों के साथ घूमना तो दूर सरकार ऐसा कदम उठाएगी जिसके तहत घरों से बाहर पैर रखने की सख्त मनाही होगी। 25 मार्च को संपूर्ण लॉकडाउन के 2 वर्ष पूरे हो चुके हैं। लॉकडाउन ने हम सभी की जिंदगी बदलकर रख दी। पुराने दिन और ताजा तब हुए जब घरों में कैद लोगों ने रामायण (Ramayan), महाभारत और श्री कृष्ण सीरियल को पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा और तेजी से प्रभावी हो रहे दूरदर्शन को नई पहचान दी।

Lockdown: संक्रमण चेन रोकने को सरकार ने दिखाई थी सख्ती
देश में 30 जनवरी, 2020 को कोरोना का पहला मामला केरल से सामने आया था। इसके बाद से ही चिंता जताई जाने लगे थी। चूंकि संक्रमण का स्तर बेहद तेज था। इसी का नतीजा था, कि धीरे-धीरे कोरोना के मामले बढ़ने लगे और एक महीने के भीतर ही 500 से अधिक केस आ गए। इस दौरान करीब 10 लोगों को जान से हाथा धोना पड़ा। केंद्र सरकार ने संक्रमण की चेन तोड़ने और अधिक से अधिक दूरी बनाए रखने के लिए नई गाइडलाइन बनाई। इसी नीति के तहत एक नया शब्द हम सभी की जिंदगी से जुड़ गया, जोकि लॉकडाउन कहलाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद 24 मार्च 2020 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए लॉकडाउन का ऐलान किया। आमजन से सामाजिक दूरी बनाने की अपील की।अगले दिन 25 मार्च से देश में संपूर्ण Lockdown की घोषणा हो गई। लोगों की जिंदगी घरों में कैद हो गई थी और सकड़ों व बाजारों में सन्नाटा पसर गया था।

Lockdown के दौरान रामायण ने बढ़ाया पारिवारिक सौहार्द
लॉकडाउन के कठिन दौर में लोगों के पास बाहर जाने, टहलने, घूमने आदि के साधन ही नहीं थे। रेल और बस के पहिये थम गए थे। हवाई यात्रा तक रोक दीं गईं थी। ऐसे मुश्किल दौर में लोगों को एक करने, परिवार में प्रेम और सौहार्द बढ़ाने की भावना जगाने का काम किया। दूरदर्शन पर 80 के दशक में रामानंद सागर के मशहूर सीरियल रामायण ने। इस सीरियल का इतना क्रेज लोगों में देखने को मिला कि सुबह 9 बजे से ही अपने टीवी सेट के सामने बैठकर रामायण देखते। इस वक्त ने पुराने दौर की याद दिला दी।
जब मनोरंजन के साधनों में दूरदर्शन का अपना अलग ही क्रेज होता था। रामायण सीरियल की अपार सफलता से उत्साहित दूरदर्शन के इसके बाद 90 के शुरुआती दौर के मशहूर सीरियल महाभारत का टेलीकास्ट शुरू किया। जिसे भी लोगों ने खूब सराहा।

हमारी परंपरा और संस्कृति में बसे हैं श्रीराम
आज जबकि लॉकडाउन को पूरा हुए दो वर्ष बीत गए हैं। बहुत से लोगों के जहन में वो दौर कभी नहीं भूलता है। लोगों
का कहना है कि प्रभु श्रीराम हमारे आराध्य हैं, हमारी परंपरा और संस्कृति में बसे हुए हैं। ऐसे में संकट के उस कठिन दौर
में रामायण और महाभारत सरीखे सीरियल ने हमें अपनी पहचान की याद दिलाई।
दिल्ली के एक स्कूल में टीचर प्रतीक्षा अभिलाशी का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान वे अपने पूरे परिवार के साथ रामायण देखा करतीं थीं। फरीदाबाद निवासी वीरेंद्र भोजक बताते हैं कि उन्हें रामायण देखकर अपना बचपन याद आ गया। सचमुच आज की दौड़भाग भरी जिंदगी में उन दिनों की तरह सुकून नहीं रहा। गुरुग्राम निवासी आनंद भाकुनी का कहना है कि ऐसे नाटकों की ही आज समाज को जरूरत है।
‘रामायण’ वर्ष 2015 के बाद मिली Highest Rating
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 25 मार्च से संपूर्ण भारत में 21 दिन के लिए लॉकडाउन (Lockdown) लगा दिया गया था। इस दौरान प्रसारित रामायण सीरियल ने टीआरपी के मामले में सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले। रामानंद सागर के पौराणिक धारावाहिक ‘रामायण’ ने वर्ष 2015 के बाद से हिंदी जीईसी शो के लिए उच्चतम रेटिंग प्राप्त कर छोटे पर्दे पर ऐतिहासिक वापसी की। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BRC) की एक रिपोर्ट के अनुसार ‘रामायण’ के चार शो में ही करीब 170 मिलियन दर्शकों की भागीदारी देखने को मिली थी।
सीरियल को शहरी और मेगासिटीज में सबसे ज्यादा रेट किया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘रामायण’ के चार एपिसोड ने औसतन 28.7 मिलियन इंप्रेशन बटोरे। ‘रामायण’ के सभी 4 एपिसोडों में 6.9 बिलियन मिनट देखे गए, जिससे औसतन ‘रामायण’ के प्रत्येक एपिसोड को 42.6 मिलियन ट्यून-इन्स मिले।” रामायण (Ramayan) को दोबारा शुरू करने की जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर दी थी। सूचना प्रसारण मंत्री के अनुसार ‘रामायण’ सीरियल दिखाने का फैसला दर्शकों की भारी मांग के बाद लिया गया।
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