किसानों के दिल्ली में प्रदर्शन पर कांग्रेस ने BJP को घेरा, बोली ‘अन्नदाता के रास्ते में कीलें बिछाने की जगह बात करे सरकार, छोड़ें अहंकार…’

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बीते काफी समय से किसान खेती और किसानी से जुड़े कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब किसानों ने ऐलान कर दिया है कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे 13 फरवरी (मंगलवार) को देश की राजधानी में आंदोलन करेंगे। 2 दिन बाद होने वाले इस आंदोलन पर दिल्ली पुलिस अपनी नजर रखे हुए है और इसपर पर लगाम लगाने के लिए कई जगहों पर पत्थर और कीलों के अवरोधक भी बनाए जा रहे हैं। किसानों को प्रदर्शन स्थल तक रोकने के प्रयासों को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है। इसके अलावा खबर है की कई रास्तों पर सीमेंट और कंक्रीट की बड़ी-बड़ी बैरिकेडिंग की है।

कांग्रेस ने रविवार (11 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) के जरिए अपने आधिकारिक अकाउंट से एक वीडियो साझा किया है जिसमें सड़कों पर पत्थर और बड़ी-बड़ी कीलें (गाड़ियों को रोकने के लिए) नजर आ रही हैं। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। किसानों के दिल्ली आने से केंद्र सरकार तकलीफ महसूस कर रही है, इसलिए उनका रास्ता रोक रही है।  

‘अन्नदाताओं को अहंकार दिखाने के बजाय बात करे मोदी सरकार’- कांग्रेस

कांग्रेस ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, “तानाशाह फिर डर गया, मोदी सरकार के अन्याय से परेशान किसान दिल्ली आ रहे हैं। इस बात की भनक जैसे ही मोदी सरकार को लगी, किसानों के रास्ते पर कीलें बिछा दी गईं। पत्थरों से रास्ता रोक दिया गया। BJP सरकार ने हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया है।

कांग्रेस ने आगे लिखा, “हमारे अन्नदाताओं के साथ अपराधियों जैसा सुलूक किया जा रहा है। सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए, उनकी परेशानियों को दूर करना चाहिए। लेकिन अहंकार में चूर पीएम मोदी और उनकी सरकार किसानों को दुश्मन मान बैठी है।”

किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसानो का अलग-अलग जगह पर पिछले काफी दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। कुछ दिन पहले (8 फरवरी ) किसानों ने दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद भीषण जाम भी लग गया था। बता दें कि किसानों की मुख्य मांगों में, 10 प्रतिशत प्लॉट, अपनी अधिग्रहित भूमि के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा, स्थानीय लोगों को रोजगार, आबादी का पूर्ण निस्तारण, जैसे मुद्दे हैं। जिसके लिए अब किसान दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं।

इसके अलावा, किसानों ने घोषणा की है कि अगर सरकार उनकी मांगों को 12 जनवरी तक नहीं मानती है तो वे 13 फरवरी के दिन राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।

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