West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने उत्तर 24 परगना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उनके भाषण में जहां राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का स्वर प्रमुख रहा, वहीं उन्होंने कई बड़े दावे भी किए, जिससे चुनावी बहस और तेज हो गई है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनावों में कांग्रेस कई राज्यों में कमजोर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस दो अंकों तक नहीं पहुंच पाएगी, जबकि पश्चिम बंगाल में पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल है।
TMC-कांग्रेस गठजोड़ पर सवाल
गृह मंत्री ने TMC और कांग्रेस के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ खड़ी हैं, लेकिन इससे उनकी राजनीतिक स्थिति और कमजोर हो सकती है। शाह के मुताबिक, विपक्षी दलों का यह गठजोड़ जनता के बीच स्पष्ट संदेश देने में असफल रहा है।
धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर बयान
अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने राम मंदिर और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करती रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज्य में किसी भी विवादित संरचना को बनने नहीं देगी।
यह बयान चुनावी माहौल में एक नया राजनीतिक विमर्श जोड़ता है, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे भी प्रमुखता से उभर रहे हैं।
दूसरे चरण से पहले तेज हुआ प्रचार
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव प्रचार के बाद अब दूसरे चरण के लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और स्टार प्रचारक लगातार रैलियां कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर 24 परगना की इस रैली में भी बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी
बंगाल चुनाव में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। एक तरफ भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं TMC सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। कांग्रेस और वाम दल भी अपने-अपने स्तर पर चुनावी रणनीति के साथ मैदान में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे मतदान के चरण आगे बढ़ेंगे, राजनीतिक बयानबाजी और तेज होगी और चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होता जाएगा।
अमित शाह की इस रैली ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। उनके तीखे बयानों ने विपक्ष पर दबाव बढ़ाने के साथ-साथ भाजपा के चुनावी एजेंडे को भी स्पष्ट किया है। अब यह देखना अहम होगा कि मतदाता इन दावों और आरोपों को किस तरह लेते हैं और चुनावी नतीजों पर इसका क्या असर पड़ता है।
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