Agnipath Scheme: अग्निपथ स्कीम (Agnipath Scheme) को लेकर देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे आक्रोशित सैकड़ों युवाओं ने गुरुवार को अलीगढ़ में सोमना एनएच हाईवे पर रोडवेज बस में जमकर तोड़फोड़ की। कहीं रोडवेज बसों को निशाना बनाया तो कहीं सड़कों पर टायर में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया।

वहीं, शहर में भी युवा सड़कों पर उतर आए और उनके द्वारा पुरानी भर्ती प्रक्रिया को लागू करने की मांग करते हुए रक्षा मंत्री के नाम पत्र लिखा गया है। साथ ही मौजूदा सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोल दिया गया।
बता दें कि, युवाओं द्वारा नई भर्ती प्रक्रिया को कैंसिल करने की मांग करते हुए पुरानी भर्तियों को पूरा करने व अग्निवीर योजना को निरस्त करने की मांग की है। युवाओं का कहना है कि चंद सालों के लिए सेना में जाने का कोई फायदा नहीं है युवाओं के द्वारा लम्बे समय से तैयारियां की जा रही थीं लेकिन सरकार के द्वारा चंद घंटों में ही उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया गया।

Agnipath Scheme: ‘चार साल बाद हम लोग कहां जाएंगे?’
दरअसल सरकार के द्वारा सेना में भर्ती की नई स्कीम को लेकर अलीगढ़ में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों की कई चिंताएं हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे सेना में भर्ती के लिए जी-जान से मेहनत करते हैं। फिर इतनी मेहनत करके अगर सिर्फ चार साल की नौकरी मिलेगी तो क्या फायदा?
छात्रों का कहना है कि अग्निपथ स्कीम में चार साल के कॉन्ट्रैक्ट में सेना में भर्ती किया जाएगा। फिर अनिवार्य सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) दे दी जाएगी और ग्रैचुटी या पेंशन जैसे लाभ भी नहीं मिलेंगे जो कि उनकी नजर में ठीक नहीं है।
एक छात्र ने कहा कि हम सेना में जाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते हैं। इसे चार साल के लिए सीमित कैसे किया जा सकता है? जिसमें ट्रेनिंग के दिन और छुट्टियां भी शामिल हों? सिर्फ तीन साल की ट्रेनिंग के बाद हम देश की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं? सरकार को इस स्कीम को वापस लेना चाहिए।
केंद्र सरकार, राज्य सरकार भले कह रही है कि विभिन्न मंत्रालयों, अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों को प्राथमिकता मिलेगी लेकिन युवा इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनकी बड़ी चिंता यही है कि चार साल बाद आखिर वे लोग क्या करेंगे। ये छात्र इन बातों से भी नाराज हैं कि सेना की अबतक जो भर्ती प्रक्रिया चली आ रही थी, उसका फिजिकल होने के बावजूद इनको अबतक सेना की नौकरी नहीं मिली है।

क्या है पूरा मामला ?
बता दें कि, भारत में दशकों से चली आ रही पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में बीते मंगलवार यानी 14 जून 2022 को बदलाव किया गया। सरकार ने इस बदलाव को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए इसका नाम अग्निपथ स्कीम (Agnipath Scheme) दिया है। इस स्कीम को तहत अब सेना में भर्ती होने वाले सैनिकों की अवधि चार साल होगी।
सैनिकों की यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाएगी। वहीं सिलेक्शन के लिए सैनिकों की उम्र की सीमा 17.5 साल से 21 साल के बीच रखी गई है। इन्हें ‘अग्निवीर’ (Agniveer) नाम दिया जाएगा। सरकार दावा कर रही है कि इस योजना से तीनों सशस्त्र सेनाओं में बड़ा बदलाव आयेगा। लेकिन रक्षा विशेषज्ञों की राय इसके उलट है और वे इसे सेना में भर्ती का सही विकल्प नहीं मानते। सशस्त्र बलों के भूतपूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) ने इस स्कीम को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया जाहिर की है।
वहीं दूसरी तरफ इस योजना की घोषणा किए जाने के साथ ही अलग अलग राज्यों में सेना के अभ्यर्थियों की ओर से सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध किया जा रहा है। अब कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी इस योजना पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
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