Raimona National Park: पश्चिमी असम के कोकराझार जिले में रायमोना फॉरेस्ट रिजर्व को पिछले वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर असम के छठे राष्ट्रीय उद्यान के तौर पर अधिसूचित किया गया था। ये पर्यावरण की दृष्टि के साथ ही सामरिक महत्व भी रखता है। दरअसल रायमोना राष्ट्रीय उद्यान पश्चिमी असम के कोकराझार जिले में पश्चिम बंगाल और भूटान के साथ जुड़े क्षेत्र में स्थित है। ऐसे में इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।
यह बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर स्थित होने की वजह से अलग महत्व रखता है। रायमोना राष्ट्रीय उद्यान में बाघ, बादलदार तेंदुआ, गोल्डन लंगूर, भारतीय गौर, एशियाई हाथी, चित्तीदार हिरण, जंगली भैंस और हॉर्नबिल सहित कई प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं।पर्यावरण मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बहुत सी ऐसी प्रजातियां भी यहां पशुओं की मिल जाएंगी, जोकि पारिस्थितिकीय तंत्र को भी मजबूत कर रहे हैं।

Raimona National Park: 150 से ज्यादा तितलियों की प्रजातियां हैं यहां

इस राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में करीब 150 से अधिक तितलियों की प्रजातियां मिलतीं हैं।जिसमें पक्षियों की 170 प्रजातियां, ऑर्किड की कई प्रजातियां और पौधों की 380 प्रजातियों के निवास स्थल के तौर पर भी जाना जाता है।
रायमोना राष्ट्रीय उद्यान मानस राष्ट्रीय उद्यान और चिरांग-रिपू हाथी अभ्यारण्य के 2,837 वर्ग किमी के क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। जोकि लगभग 422 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। वन अधिकारियों के अनुसार, यह राष्ट्रीय उद्यान फ़िप्सू वन्यजीव अभयारण्य और भूटान में जिग्मे सिंग्ये वांगचुक राष्ट्रीय उद्यान के वन क्षेत्रों के करीब है, जोकि 2,400 वर्ग किमी से अधिक के एक सीमावर्ती संरक्षण भू-स्थल का निर्माण करता है।
Raimona National Park: गैंडों और एशियाई हाथियों को किया जा रहा संरक्षित
दो वर्ष पूर्व बनाए गए रायमोना नेशनल पार्क में गैंडों और एशियाई हाथियों को संरक्षित किया जा रहा है। इसका मकसद लुप्त हो रही एशियाई हाथी और गैंडों की प्रजातियों को संरक्षित करने के साथ ही उनका विकास भी करना था। यही वजह है कि यहां पर इनकी प्रजातियों को बढ़ाने के लिए खासतौर से वैज्ञानिक और डॉक्टर्स अनुसंधान करने के लिए बुलाए जाते हैं।
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