EMI: अक्सर बढ़ते काम के दबाव, ऑफिस के जरूरी काम के चलते लोग ईएमआई का समय पर भुगतान करना भूल जाते हैं। ऐसे में बैंक लेट फीस के तौर पर कई गुना जुर्माना भी वसूलते हैं।ऐसे में ग्राहकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।ऐसे ही लोगों को परेशानी से बचाने के लिए आरबीआई एक नया फॉम्यूर्ला लेकर आई है।
आरबीआई के अनुसार इसके लिए लोगों को संबंधित बैंक के पास इस तरह के जुर्माने के बारे में अलग से पूरी डिटेल देनी होगी। किस्त भुगतान में देरी पर जो जुर्माना वसूला जाएगा, वह एकदम अलग होगा।

EMI: पैनल्टी पारदर्शी तरीके से वसूली जाएगी
EMI: ईएमआई के भुगतान में देरी पर लगने वाली पैनल्टी पारदर्शी तरीके से वसूली जाएगी।आरबीआई ने 8 फरवरी को मॉनीटरी पॉलिसी की बैठक के बाद घोषणा की थी कि इस बारे में जल्दी ही एक ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की जाएगी। इस पर सभी स्टेकहोल्डर्स से प्रतिक्रिया मांगी जाएगी।कोई भी जुर्माना पीनल इंटरेस्ट के रूप में नहीं वसूला जाएगा।लोन किस्त के भुगतान में देरी पर पीनल इंटरेस्ट के रूप में जुर्माना वसूला जाता है।
मालूम हो कि हर बैंक में ईएमआई की राशि अलग-अलग होती है। ऐसे में अक्सर इसे लोन की मूल राशि में ही जोड़ दिया जाता है।ऐसे में ग्राहक इस बात का पता नहीं लगा पाते कि ईएमआई चुकाने में देरी का उन पर कितना फीसदी जुर्माना लगाया गया है।
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