उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई समाजवादी पार्टी के अन्दर की राजनीति में रोज नए मोड़ और बयान देखने-सुनने को मिल रहे हैं। आज इसी क्रम में सपा के पूर्व अध्यक्ष और संरक्षक मुलायम सिंह यादव आज फिर एक बार अपने बयान से पलटते नजर आये। मुलायम सिंह यादव ने पहले के अपने एक बयान में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर नाराजगी जताते हुए प्रचार करने से मना कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने शिवपाल यादव के पक्ष में प्रचार की बात भी कही थी। लेकिन आज जब मुलायम सिंह यादव संसद की कारवाई में भाग लेने पहुंचे तो सपा और कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने को लेकर पूछे जाने पर कहा कि मंगलवार से सपा कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करूँगा साथ ही साथ मुलायम ने यह भी कहा कि अखिलेश ही अगले मुख्यमंत्री होंगे।
शिवपाल यादव द्वारा 11 मार्च के बाद नई पार्टी बनाने की घोषणा पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुलायम ने कहा कि शिवपाल नई पार्टी नहीं बनायेंगे। मै बात करूंगा। उनसे यह बात उन्होंने गुस्से में बोल दी होगी। इससे पहले मुलायम ने कहा था कि वह 9 फ़रवरी से शिवपाल यादव के पक्ष में प्रचार करेंगे नेताजी के आज के बयान के बाद बेटे अखिलेश और कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशियों को चुनाव की रणनीति में नेताजी का साथ मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है।
मुलायम ने आजम खान द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई टिप्पणी के बारे में कहा कि नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री हैं बड़े नेता हैं। इस तरह की बातों से बचना चाहिए। अमर सिंह की नाराजगी के बारे में बोलते हुए मुलायम ने उनका सम्मान करने की बात कही। साथ ही साथ अमित शाह को गलत और अभद्र भाषा से बचने की सलाह भी दी है।
गौरतलब है कि मुलायम ने उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों से अभी तक दूरी बनाये रखी थी। नेताजी के बयान के बाद यह तो स्पष्ट है कि वह खुद संशय में हैं। लगातार अलग अलग बयानों से मुलायम ने कभी अखिलेश का विरोध कर विरोधियों को खुश किया तो कभी बेटे अखिलेश पर मेहरबानी दिखाई है। अब आने वाले दिनों में नेताजी के समर्थन से सपा के साथ कांग्रेस को फायदा मिलेगा यह तो तय है। लेकिन नुकसान सिर्फ विरोधियों का होगा या बेटे के चक्कर में भाई शिवपाल का यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी।