Navratri 2022: नवरात्रि का पर्व हिन्दू धर्म के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इस साल चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू हो रही है। अबकी बार नवरात्रि पूरे नौ दिनों की है। इन नौ दिनों में माता के अलग-अलग रूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के समय मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है लेकिन चैत्र नवरात्रि के समय मां दुर्गा के साथ-साथ अपने कुल देवी-देवताओं की भी पूजा अर्चना की जाती है जिससे ये नवरात्र विशेष हो जाते हैं।

Navratri 2022: कलश स्थापना शुभ मुहूर्त
Navratri 2022: चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 2 अप्रैल को कलश स्थापना का मुहूर्त सुबह 6.22 मिनट से 11:58 मिनट तक है।

Navratri 2022: नौ दिनों तक होती है माता के इन नौ रूपों की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन माता के पहले रूप माँ शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाती है |

नवरात्र के दूसरे दिन माता दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की जाती है।
नवरात्र के तीसरे दिन माता के तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है।

नवरात्र के चौथे दिन माता के चतुर्थ स्वरूप माँ कूष्माण्डा की पूजा अर्चना की जाती है।
नवरात्रि में पांचवें दिन माता के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है।
नवरात्रि के छठे दिन माता के छठवें स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा अर्चना की जाती है।
नवरात्र के सातवें दिन माता के सप्तम स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है।
नवरात्र के आठवें दिन माता के अष्टम स्वरूप माँ महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है।
नवरात्र के नौवें दिन माता के नवम स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना बड़े विधि विधान के साथ की जाती है।
Navratri 2022: नवरात्रि के नौवें दिन हवन, कन्या पूजन और अपने विधि-विधान के अनुसार भोग बनाया जाता है। हवन करने के बाद नौवें दिन कन्या को बिठाकर पूरे विधान के साथ भोजन कराया जाता है। कई लोगों का मानना है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि का कोई अर्थ नहीं होता है। दरअसल, ऐसा इसलिए है क्योंकि कन्याओं को मां दुर्गा का रूप माना जाता है।
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