सपा इस समय बुरे दौर से गुजर रही है। यूपी में सरकार जाने के बाद अब उसके नेता भी लगातार उसका साथ छोड़ रहे हैं। तीन एमएलसी का पार्टी से नाता तोड़ने के बाद अब एमएलसी अशोक वाजपेयी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। खबरों के मुताबिक शायद वाजपेयी भी भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। अशोक वाजपेयी का विधान परिषद में कार्यकाल 30 जनवरी 2021 तक था। उन्होंने पार्टी को छोड़ने का कारण मुलायम सिंह यादव को बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में नेताजी मुलायम सिंह यादव की उपेक्षा हो रही थी इसलिए पार्टी छोड़नी पड़ी।
वर्तमान में विपक्षी दल के सभी बड़ी पार्टियों के बड़े नेता अपनी पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले नेता बुक्कल नबाव, यशवंत सिंह व सरोजनी अग्रवाल विधान परिषद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। एक तरफ जहां कांग्रेस इसी डर से अपने नेताओँ को एक तरफ से दूसरे तरफ दौड़ा रही है। वहीं बसपा के भी नेता भाजपा ज्वाइन करने में लगे हैं।
हालांकि वाजपेयी ने पार्टी को छोड़ने का कारण पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव की उपेक्षा बताया है लेकिन असली माजरा क्या है ये बाद में ही पता चलेगा। माजरा जो भी हो लेकिन वक्त आ गया है कि अखिलेश वाली सपा को अब पार्टी के भविष्य के बारे में गंभीर चिंतन करने की जरूरत है।