यूं तो कांग्रेस ने भाजपा के तीन साल पूरे हो जाने पर उसकी विफलताओं की पत्रिका छापी थी पर अब उस पत्रिका में जम्मू-कश्मीर को भारत अधिकृत कश्मीर बताने के लिए कांग्रेस माफी मांगते फिर रही है। दरअसल कल लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने लखनऊ में मोदी सरकार की तीन साल की विफलताओं को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी जिसमें एक बुकलेट जारी किया गया।
बुकलेट की खास बात यह रही कि इसमें मोदी सरकार को सुरक्षा मामले में फेल बताया गया। फिर इंडिया पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर का जिक्र करते हुए जिस नक्शे को किताब में छापा गया उससे विवाद खड़ा हो गया। बात यह हुई कि छापे गए नक्शे में जम्मू कश्मीर को भारत अधिकृत कश्मीर के तौर पर दिखाया गया। बस होना क्या था? सत्ताधारी भाजपा बिगड़ गई और भाजपा ने इसकी कड़ी निंदा की है।
आपको बता दें कि इसमें लिखी बातें तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भी भारत का अभिन्न हिस्सा बता रही हैं लेकिन नक्शे में इंडियन आक्यूपाइड कश्मीर लिखा है। वहीं इसकी निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि ”यह हैरान करने वाला है कि आजाद जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कश्मीर का एक ऐसा नक्शा रख रहे हैं जिसमें उसे भारत अधिकृत कश्मीर बताया गया है।”
उत्तर प्रदेश में मंत्री एवं प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि ऐसा नक्शा जारी करना ‘देशद्रोह’ के बराबर है और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले में कांग्रेस ने माफी मांगते हुए इसे मुद्रण की गलती बताई है और इस गलती की जिम्मेदारी अपने सर ली है। लेकिन कांग्रेस नेता अजय माकन ने भाजपा पर पलटवार करते हुए यह कहा है कि 28 मार्च 2014 को भाजपा ने अपनी वेबसाइट पर ऐसा ही नक्शा दिखाया था। माकन ने दावा किया है कि उसी वर्ष सितम्बर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में चीन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान एक नक्शा जारी किया गया था जिसमें अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया था। माकन ने कहा “भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर यह है कि हम अपनी गलती स्वीकार कर लेते हैं लेकिन वे नहीं करते।”