अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े हालिया विवाद और राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) पूरी निष्पक्षता के साथ तथ्यों की पड़ताल करेगा और सत्य को सामने लाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की ऐसी टिप्पणी से बचा जाए, जिससे रामभक्तों की भावनाएं प्रभावित हों या जांच प्रक्रिया पर असर पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे पर मीडिया में आई जानकारियों के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसी सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल करेगी और यदि किसी के पास कोई दस्तावेजी प्रमाण हैं तो उन्हें जांच दल को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर की जाने वाली निष्पक्ष जांच ही किसी भी विवाद का सही समाधान हो सकती है।
अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में 378 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 126 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या और राम मंदिर को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं, जबकि वर्षों तक उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज देश और दुनिया के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल हो रही है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट, पर्यटन सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के विकास के कारण शहर की पहचान नई ऊंचाइयों तक पहुंची है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक कार्य किए हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे या उसके अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे आज रामभक्तों की चिंता करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे बयानों और राजनीतिक विरोधाभासों को भली-भांति समझती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या के विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता लगातार जारी रहेगी। उन्होंने मां कामाख्या धाम के विकास के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों के लिए सहयोग का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने रामभक्तों से संयम और मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, धैर्य और आदर्श आचरण का प्रतीक है। इसलिए सभी को उनके आदर्शों का पालन करते हुए जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।
अयोध्या के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सड़क, पर्यटन, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर निरंतर काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य अयोध्या को सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास का आदर्श मॉडल बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।









