ताजनगरी आगरा में आयोजित ब्रिक्स-इंडिया 2026 के अंतर्गत ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तर प्रदेश ने अपने औद्योगिक और उद्यमिता मॉडल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस दौरान योगी सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों, रोजगार सृजन और वैश्विक व्यापार विस्तार की रणनीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के एमएसएमई एवं जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की ‘एमएसएमई राजधानी’ के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान समय में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उनके अनुसार, एमएसएमई क्षेत्र केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की मजबूत आधारशिला बन चुका है।
ब्रिक्स देशों के साथ व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के साथ प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक दर्ज किया गया। मशीनरी, चमड़ा उत्पाद, कालीन, रेडीमेड परिधान और बहुमूल्य पत्थरों जैसे उत्पादों की वैश्विक मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे प्रदेश के उद्योगों को नया बाजार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना उत्तर प्रदेश की सबसे सफल पहलों में से एक बन चुकी है। इस योजना ने पारंपरिक शिल्प, स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अब तक 20 हजार से अधिक लाभार्थियों को लगभग 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई है, जिसके परिणामस्वरूप 3.16 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित हुए हैं।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 4.41 लाख से अधिक पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि हुई है।
युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए योगी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) को भी प्रमुख उपलब्धि बताया गया। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आगामी 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म औद्योगिक इकाइयों की स्थापना कर प्रदेश में उद्यमिता का नया वातावरण तैयार करना है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रदेश में एमएसएमई पार्कों का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। PLEDGE योजना के तहत 12 जिलों में एमएसएमई पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं, जहां उद्योगों को बेहतर बुनियादी ढांचा, निवेश अवसर और कारोबारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ब्रिक्स मंच पर उत्तर प्रदेश की प्रस्तुति ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य अब केवल कृषि या जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि उद्योग, निर्यात, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसएमई क्षेत्र में यह तेजी प्रदेश को देश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगी।









