IND vs NZ IInd ODI: राजकोट में खेले जा रहे दूसरे वनडे में भारतीय टीम ने उतार-चढ़ाव भरी पारी के बाद 50 ओवर में 284/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। पारी का केंद्रबिंदु रहे केएल राहुल (KL Rahul), जिन्होंने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाज़ी करते हुए नाबाद 112 रन (92 गेंद) की शानदार पारी खेली और टीम इंडिया को सम्मानजनक लक्ष्य तक पहुंचाया। शुरुआती झटकों के बीच राहुल का संयम और अंतिम ओवरों में आक्रामकता—दोनों ने भारत की पारी को आकार दिया।
टॉस के बाद बल्लेबाज़ी करने उतरी भारत को ठोस शुरुआत नहीं मिल सकी। रोहित शर्मा 38 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने कुछ आकर्षक ड्राइव लगाए, लेकिन बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने पारी को संभालने की कोशिश की और 53 गेंदों में 56 रन की तेज़ और संतुलित पारी खेली। गिल की इनिंग में 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा, जिससे रन रेट को गति मिली।
हालांकि गिल के आउट होने के बाद भारत को लगातार झटके लगे। विराट कोहली 29 गेंदों पर 23 रन बनाकर लौटे, जबकि श्रेयस अय्यर सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए। इस चरण में भारतीय पारी लड़खड़ा गई और स्कोरबोर्ड पर दबाव बढ़ता चला गया। यहीं से केएल राहुल ने एंकर की भूमिका पूरी मजबूती से संभाली।
राहुल ने शुरुआत में जोखिम से परहेज किया, स्ट्राइक रोटेशन पर ध्यान दिया और खराब गेंदों पर ही प्रहार किया। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उन्होंने गियर बदला और मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए। राहुल की पारी में 11 चौके और 1 छक्का शामिल रहा, उनका स्ट्राइक रेट 121.74 का रहा—जो बताता है कि यह सिर्फ टिकने की नहीं, बल्कि प्रभावी आक्रमण की पारी थी।
बता दें कि ये शतक केएल के वनडे करियर का आठवां शतक है. इससे पहले उन्होंने 12 नवंबर, 2023 को नीदरलैंड के खिलाफ क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में 102 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी।
साथ ही बता दें कि केएल राहुल ने अपनी क्लास साबित करते हुए पांचवें नंबर पर उतरकर जिम्मेदारी भरी पारी खेली और वनडे करियर का 8वां शतक जड़ा। आमतौर पर छठे नंबर पर फिनिशर की भूमिका निभाने वाले राहुल ने हालात के मुताबिक खेलते हुए टीम इंडिया को 284 तक पहुंचाया।
राहुल को मध्य ओवरों में रवींद्र जडेजा का अच्छा साथ मिला। जडेजा ने 44 गेंदों में 27 रन बनाकर साझेदारी को आगे बढ़ाया और पारी को गहराई दी। अंत में नितीश कुमार रेड्डी ने भी उपयोगी कैमियो खेलते हुए 21 गेंदों में 20 रन जोड़े, जिससे भारत अंतिम ओवरों में 280 के पार पहुंच सका। आख़िरी क्षणों में मोहम्मद सिराज (2 रन) क्रीज पर नाबाद रहे और स्ट्राइक घुमाने में मदद की।
न्यूज़ीलैंड की गेंदबाज़ी की बात करें तो उन्होंने बीच-बीच में विकेट निकालकर दबाव बनाए रखा, लेकिन डेथ ओवर्स में राहुल की क्लीन हिटिंग और समझदारी भरे शॉट चयन के सामने वे पूरी तरह नियंत्रण नहीं रख सके। फील्डिंग में भी कुछ मौकों पर चूक दिखी, जिसका फायदा भारत ने उठाया। न्यूजीलैंड की ओर से डेब्यू सीरीज खेल रहे क्रिस्टियन क्लार्क ने सबसे बेहतर गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट (रोहित, विराट और श्रेयस) हॉल अपने नाम किया। कीवी कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने 3.40 की इकॉनमी से कंजूसी भारी गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर की स्पेल में 34 रन देकर 1 विकेट (जडेजा का) अपने नाम किया। ग्लेन फिलिप्स के अलावा सभी गेंदबाजों ने 1-1 विकेट लिया।
कुल मिलाकर, भारत की यह पारी केएल राहुल की परिपक्वता और मैच-सेंस का बेहतरीन उदाहरण रही। आमतौर पर छठे नंबर पर फिनिशर की भूमिका निभाने वाले राहुल ने इस मैच में पांचवें नंबर पर उतरकर पारी को थामे रखा और अंत तक ले जाकर भारत को 285 रन का लक्ष्य दिलाया। अब गेंदबाज़ों के सामने इस स्कोर का बचाव करने की चुनौती है।









