US-Israel vs Iran War Day 32: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने दुबई बंदरगाह के पास लंगर डाले एक कच्चे तेल से भरे टैंकर को निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई और बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका पैदा हो गई। कुवैत की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, इस हमले के बाद तेल रिसाव का खतरा भी बढ़ गया है, हालांकि सभी 24 क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
यह हमला खाड़ी क्षेत्र और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां मिसाइलों और ड्रोन का लगातार इस्तेमाल हो रहा है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
खाड़ी में जहाज बने निशाना
दुबई पोर्ट के पास हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह के हमले जारी रहते हैं, तो वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
सऊदी और UAE तक फैला तनाव
ईरान ने सऊदी अरब के अल-खारज प्रांत में ड्रोन हमला किया, जिससे एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गया। ड्रोन के मलबे से छह घरों को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
वहीं UAE के शारजाह में एक प्रशासनिक इमारत को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह हमला टेलीकॉम से जुड़ी एक बिल्डिंग पर हुआ, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इराक और इजरायल भी बने निशाना
इराक की राजधानी बगदाद में एयरपोर्ट के पास स्थित अमेरिकी राजनयिक सुविधा पर भी ड्रोन हमला किया गया। हालांकि, इस हमले में हुए नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी बाकी है।
दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल पर भी जोरदार मिसाइल हमले किए। इजरायली सेना के अनुसार, यरुशलम में कई जगह धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय होकर मिसाइलों को रोकने में जुटा रहा।
ईरान का दावा: अमेरिकी ड्रोन मार गिराया
इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इस्फहान के ऊपर एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए की गई।
ट्रंप और नेतन्याहू के अलग-अलग रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने संकेत दिए हैं कि वह इस संघर्ष को लंबा नहीं खींचना चाहते। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अगले कुछ हफ्तों में इस सैन्य अभियान को खत्म करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने स्पष्ट किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है। इससे यह साफ है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेद भी उभर रहे हैं।
हिजबुल्लाह कमांडर ढेर
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने हिजबुल्लाह यूनिट 1800 के डिप्टी कमांडर हमजा इब्राहिम राकिन को एक हमले में मार गिराया है। यह यूनिट क्षेत्र में विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए जिम्मेदार मानी जाती है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष अब बहु-स्तरीय हो चुका है, जिसमें समुद्री, हवाई और जमीनी मोर्चों पर एक साथ तनाव बढ़ रहा है। यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।









