US-Israel vs Iran War Day 28 Updates: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि ईरान के अनुरोध पर 10 दिनों का समय दिया गया है, जिसकी डेडलाइन 6 अप्रैल तय की गई है।
ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने पहले सात दिनों का समय मांगा था, लेकिन अमेरिका ने इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है और “स्थिति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।”
ऊर्जा ठिकानों पर हमले टले, बातचीत जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर कोई बमबारी नहीं की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ रही है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान ने भरोसा दिखाने के लिए 10 तेल टैंकरों को सुरक्षित गुजरने दिया। उनके अनुसार, यह एक “गुडविल जेस्चर” है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
इस्राइल-लेबनान मोर्चे पर तेज हमले
दूसरी ओर आईडीएफ (Israel Defense Forces) ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया है। आईडीएफ के अनुसार, हिजबुल्ला के वरिष्ठ एंटी-टैंक कमांडर हसन मोहम्मद बशीर को एक हमले में मार गिराया गया है।
लेबनान में जारी हमलों में अब तक 1,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
हाइफा पोर्ट पर ड्रोन हमला, खतरे में समुद्री सुरक्षा
इस्राइल के अहम बंदरगाह शहर हाइफा में ड्रोन हमले की खबर ने संघर्ष को और गंभीर बना दिया है। यह हमला क्षेत्रीय समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे, तो वैश्विक व्यापार पर भी इसका असर पड़ सकता है।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पर खतरा
ईरान ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
ईरान में धमाके, बढ़ा तनाव
ईरान के शिराज शहर में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जबकि राजधानी तेहरान में भी लड़ाकू विमानों की गतिविधि देखी गई। ये घटनाएं संकेत देती हैं कि क्षेत्र में तनाव अभी भी चरम पर है।
ट्रंप का दावा: “हमने युद्ध जीत लिया”
ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में बढ़त हासिल कर ली है। उनके अनुसार, ईरान की नौसैनिक और मिसाइल क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है।
हालांकि, विशेषज्ञ इस दावे को सतर्कता से देख रहे हैं और मानते हैं कि संघर्ष अभी समाप्त होने से काफी दूर है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष अब केवल सैन्य टकराव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों और भू-राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों की सफलता ही स्थिति को तय करेगी।









