S. Jaishankar: UNGA में विदेश मंत्री ने पाक और चीन को लताड़ा, कहा- कोई भी टिप्पणी, कभी भी खून के धब्बे को ढक नहीं सकती..

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S. Jaishankar: न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 77वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए बीते दिन 24 सितंबर को विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने अपना पक्ष रखा। अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा कि हम भारत की आजादी के 75 साल मना रहे हैं। उस दौर की कहानी लाखों भारतीयों के परिश्रम, दृढ़ संकल्प और उद्यम की है। वहीं विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने यूक्रेन पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जैसे-जैसे यूक्रेन संघर्ष जारी है, हमसे पूछा जाता है कि हम किसके पक्ष में हैं, भारत शांति के पक्ष में है, हम उस पक्ष में हैं जो बातचीत की मांग करता है, दोनों के भीतर काम करना हमारे सामूहिक हित में है। संयुक्त राष्ट्र इस संघर्ष का शीघ्र समाधान खोजना चाहिए।

S. Jaishankar: दोहराई आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की बात

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने UNGA में आतंकवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि, “दशकों से सीमा पार आतंकवाद का खामियाजा भुगतने के बाद, भारत ‘शून्य-सहनशक्ति’ ‘zero-tolerance’ दृष्टिकोण की वकालत करता है, कोई भी बयानबाजी, बहाए गए खून के धब्बे को कवर नहीं कर सकती है। हमारे विचार में आतंकवाद के किसी भी कृत्य को कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता है. कोई भी टिप्पणी, चाहे वह किसी भी मंशा से क्यों न की गई हो, कभी भी खून के धब्बे को ढक नहीं सकती.’

दूसरी तरफ भारत सरकार ने भी कई लाख टन गेहूं के निर्यात किया है। हमने अफगानिस्तान को 50,000 मीट्रिक टन गेहूं और दवाएं, टीके भेजे। हम ईंधन, आवश्यक वस्तुओं, व्यापार निपटान के लिए श्रीलंका को 3.8 बिलियन डॉलर का ऋण देते हैं। हमने म्यांमार को 10,000 मीट्रिक टन खाद्य सहायता, वैक्सीन शिपमेंट की आपूर्ति की है। नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में कर्ज का जमा होना विशेष चिंता का विषय है। हमारा मानना ​​है कि ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संकीर्ण राष्ट्रीय एजेंडा से ऊपर उठना चाहिए। भारत, अपने हिस्से के लिए, असाधारण समय में असाधारण उपाय कर रहा है।

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पीएम मोदी के नेतृत्व में यह न्यू इंडिया विश्वासपात्र है। हमारी सदी के लिए इसका एजेंडा लिए गए वादों के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। हमनें अगले 25 वर्षों में भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए संकल्प लिया है। हम खुद को एक औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करेंगे।

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