अलास्का में ट्रंप-पुतिन की अहम मुलाकात से पहले बढ़ी हलचल, भारत-रूस तेल व्यापार पर अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा दावा

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अलास्का में ट्रंप-पुतिन की अहम मुलाकात से पहले बढ़ी हलचल
अलास्का में ट्रंप-पुतिन की अहम मुलाकात से पहले बढ़ी हलचल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शुक्रवार को अलास्का में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले कूटनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने दावा किया कि भारत पर लगाए गए तेल टैरिफ ने रूस को बातचीत की मेज पर लाने में अहम भूमिका निभाई है।

ट्रंप के अनुसार, अगर रूस ने यह कदम नहीं उठाया होता तो वह अपने “दूसरे सबसे बड़े ग्राहक” को खोने का जोखिम उठा रहा था। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मेरा मानना है कि हर कदम का असर होता है। जब मैंने भारत से कहा कि हम शुल्क लगाएंगे क्योंकि आप रूस से तेल खरीद रहे हैं, तब उन्हें रूस से तेल लेना बंद करना पड़ा। इसके बाद रूस ने हमें फोन किया और मिलने की इच्छा जताई। अब देखते हैं इस मुलाकात का नतीजा क्या निकलता है। लेकिन जब आप अपना दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक खो देते हैं और संभव है कि पहला भी खो दें, तो इसका असर जरूर पड़ता है।”

भारत ने किया अपना रुख स्पष्ट

ट्रंप के बयान के बीच भारत ने साफ कर दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की टैरिफ चेतावनी के बावजूद रूस से तेल आयात बंद नहीं किया गया है। भारत का कहना है कि यह खरीद पूरी तरह आर्थिक कारणों से जारी है। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार था और इस मामले में चीन के काफी करीब पहुंच गया था, जबकि चीन पहले से ही सबसे बड़ा ग्राहक है।

ट्रंप की रूस को सख्त चेतावनी

इससे पहले भी ट्रंप रूस को चेतावनी दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि यदि अलास्का वार्ता के दौरान पुतिन ने युद्ध विराम पर सहमति नहीं दी, तो उन्हें “बहुत गंभीर परिणाम” भुगतने होंगे। दूसरी ओर, पुतिन ने संयम दिखाते हुए यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए ट्रंप के प्रयासों की सराहना की है।