उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar आज 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हुए शामिल, खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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ASEAN-India Summit
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ASEAN-India Summit: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारत-आसियान साझेदारी के 30 साल पूरे होने को लेकर 3 दिवसीय कंबोडिया यात्रा पर है। यहां उन्होंने आज कंबोडिया के नोम पेन्ह में 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन से मुलाकात की। वहीं भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की। विदेश मंत्री ने कहा कि आज यहां, “यूक्रेन, हिंद-प्रशांत, ऊर्जा, जी20 और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई है।”

ASEAN-India Summit: आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का संकल्प

विदेश मंत्रालय द्वारा कहा गया कि शिखर सम्मेलन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नेविगेशन और ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता के साथ मुक्त, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक (भारत-प्रशांत) को बढ़ावा देने में ईएएस तंत्र के महत्व पर प्रकाश डाला है। 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं को रेखांकित किया और 2023 में अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष में ईएएस सदस्यों के पूर्ण योगदान का आह्वान किया। साथ ही कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का संकल्प लेने की जरूरत है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे हैं कदम- भारत की राजदूत देवयानी खोबरागड़े

कंबोडिया में भारत की राजदूत देवयानी खोबरागड़े ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत और कंबोडिया के बीच सीधा हवाई संपर्क शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। जब सीधी उड़ानें होती हैं, तो लोग यहां आना और अंगकोर वाट (Angkor Wat) देखना पसंद करेंगे और कंबोडियन बुद्ध की भूमि देखना पसंद करेंगे। कंबोडिया में भारत हमारे द्विपक्षीय संबंधों की 70 वीं वर्षगांठ मना रहा है। हम विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत संबंधों को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने यात्रा के दौरान 4 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए

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भारत की राजदूत देवयानी ने आगे कहा कि हम कंबोडिया में बाघ पारिस्थितिकी तंत्र की क्षमता निर्माण के साथ शुरुआत करेंगे और उसके बाद बाघों का स्थानांतरण होगा। आईआईटी जोधपुर और कंबोडिया के प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच सांस्कृतिक विरासत के डिजिटल संरक्षण के क्षेत्र में तीसरा समझौता ज्ञापन। कंबोडिया में भारतीय मूल के मंदिरों की मैपिंग में मदद मिलेगी।

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