वैक्सीनेशन (Vaccination) को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra CM Uddhav Thackeray) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 20 अक्तूबर से कॉलेज और यूनिवर्सिटी (College and University) खुल रही है। जिन्होंने कोविड 19 (Covid -19) की दोनों वैक्सीन (Vaccine) ली है उन्हें ही प्रवेश मिलगेा। यदि पहला टीका लिया है तो दूसरा लेने के बाद ही कॉलेज जा सकते हैं। उद्धव ठाकरे के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उनका विरोध देखने को मिल रहा है।
#VaccinationIsNotCompulsary
सोशल मीडिया पर छात्र विरोध करते हुए कह रहे हैं कि #VaccinationIsNotCompulsary सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड का लोग काफी समर्थन भी कर रहे हैं। इसमें 82 हजार से अधिक लोग अभी तक ट्वीट कर चुके हैं।
छात्रों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला असंवैधानिक है। छात्रों को शिक्षा से वंचित रखने के लिए उद्धव ठाकरे चाल चल रहे हैं। उद्धव ठाकरे को यहां पर लोग सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की याद दिला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वैक्सीनेशन कंपलसरी करना संविधान के खिलाफ है।
लोग कह रहे हैैं कि जबरदस्ती वैक्सीनेशन कराना मतलब मौलिक अधिकारों का हनन करना है। हमें अपनी मर्जी से जीवन जीने का पूरा अधिकार है। पर यह अधिकार उद्धव ठाकरे सरकार छीन रही है।
गौरतलब है कोरोना काल ने भारत में पहली और दूसरी लहर में जमकर तबाही मचाई थी। कोरोना अभी भी खत्म नहीं हुआ है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारे ने अपनी तरह से इसे रोकने का प्रयास कर रही हैं इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने छात्रों को कंपलसरी वैक्सीन लेने के लिए कहा है।
सोशल मीडिया पर #VaccinationIsNotCompulsary ट्रेंड करने लगा।
मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
छात्रों के साथ जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए।
सरकार हमें मार रही है।
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