Rampur By Election: रामपुर लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस इस बार प्रत्याशी नहीं उतार रही है। पार्टी के इस फैसले से नाराज कांग्रेस नेता नवाब काजिम अली खान ने भाजपा को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने फैसले के लिए कांग्रेस महासचिव और पार्टी की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा से माफी भी मांगी है। बता दें कि रामपुर से भाजपा की तरफ से घनश्याम सिंह लोधी को उम्मीदवार बनाया गया है।

Kazim Ali Khan ने प्रियंका गांधी को लिखा पत्र
प्रियंका गांधी को लिखे अपने पत्र में नवाब काजिम ने लिखा, “वह कांग्रेस के टिकट पर उपचुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी में कुछ लोगों ने नेताओं को गुमराह किया। उन्होंने आगे लिखा,”मैं फिलहाल कांग्रेस से जुड़ा हूं और पार्टी के साथ रहूंगा। यूपी में पार्टी के खिलाफ प्रतिकूल राजनीतिक माहौल के बावजूद, मैंने 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।” काजिम ने आगे लिखा, ” मैं अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति को समर्थन और वोट देने के लिए स्वतंत्र हूं।
Rampur By Election: रामपुर के नवाब खानदान का कांग्रेस पार्टी से विशेष लगाव
बता दें कि रामपुर के नवाब खानदान का हमेशा से ही राजनीतिक स्तर पर कांग्रेस पार्टी से विशेष लगाव रहा है यही कारण है कि नवाब जुल्फिकार अली खान कई मर्तबा पार्टी के टिकट पर सांसद चुनकर संसद पहुंचे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी बेगम नूर बानो भी दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची। यही नहीं उनके बेटे नवाब काजिम अली खान ने भी कई बार विधानसभा का चुनाव जीता और वह विधानसभा में गिने चुने कांग्रेसी विधायकों के साथ जनता की समस्याओं को सियासी पटल पर उठाते नजर आए हैं।

2014 में कांग्रेस में वापस आए थे नवाब Kazim Ali Khan
नवाब सपा और बसपा में रहकर चुनाव जीते लेकिन वर्ष 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव में उन्होंने फिर से अपने पुराने घर यानी कांग्रेस के टिकट पर आजम खान के मुकाबले चुनाव लड़ा था। हाल ही में हुए विधानसभा के चुनावों में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर आजम खान से मुकाबला किया था। लेकिन वो हार गए, अब आजम खान के इस्तीफा देने के बाद रामपुर में उप चुनाव हो रहे हैं।
यहां पर पहली बार ऐसा देखने को मिला कि कांग्रेस पार्टी ने नवाब खानदान को नजरअंदाज करते हुए चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। जिसके बाद से चुनाव लड़ने का सपना देखने वाले नवाब खानदान के दो बड़े चेहरे जिनमें से पूर्व सांसद बेगम नूर बानो और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके नवाब काजिम अली खान के सियासी सपने को तगड़ा झटका लगा है।
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