क्रिकेट के भगवान को भी दुनिया के एक गेंदबाज का सामना करने में डर लगता था। जी हां भारत के महान पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी एक गेंदबाज का सामना करने से डरते थे। जब भी वह गेंदबाज, गेंदबाजी के लिए आता था तो सचिन सोचते थे कि वह नॉन स्ट्राइक पर ही रहें  तो ज्यादा बेहतर है। इस बात का खुलासा खुद सचिन तेंदुलकर ने ही किया। सचिन ने बताया कि 1989 में जब उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तब दुनिया भर के 25 विश्वस्तरीय गेंदबाजों  का सामना उन्होंने किया लेकिन दक्षिण अफ्रीका के हैंसी क्रोन्ये के खिलाफ खेलना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं था। सचिन ने कहा कि वह उनकी गेंदबाजी का सामना करने के दौरान किसी ना किसी कारण से आउट हो जाते थे। सचिन ने कहा कि उन्हें महसूस होने लगा था कि जब हैंसी गेंदबाजी करने आए तो मैं गेंदबाजी छोर पर ही खड़ा रहूँ तो ज्यादा अच्छा है।

सचिन ने कहा कि वह अपने साथी बल्लेबाज से कहते थे कि एलेन डोनाल्ड या शॉन पॉलक गेंदबाजी कर रहे हों तो मैं उसका सामना कर लूंगा लेकिन हैंसी आए तो ज्यादा स्ट्राइक तुम ही रखना। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए रेगुलर बॉलर नहीं थे। वो एक मीडियम पेसर थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर को 32 वनडे मैचों में तीन बार आउट किया था। वहीं 11 टेस्ट मैचों में हैंसी क्रोनिए ने सचिन को 5 बार आउट किया।

हैंसी के अलावा सचिन को अपने पूरे करियर में 1999 का ऑस्ट्रेलिया दौरा सबसे ज्यादा कठिन लगा था। उन्होंने बताया कि अपने 24 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के दौरान मैंने कई दौर देखे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें कभी जीत मिली तो कभी हार लेकिन 1999 की ऑस्ट्रेलियाई सीरीज उनके करियर की बेहद कठिन सीरीज थी। उस समय की ऑस्ट्रेलियाई टीम बेजोड़ थी। उस समय उनकी टीम में 11 खिलाड़ियों में से सात से आठ खिलाड़ी मैच विजेता थे। ये ऐसी टीम थी जिसने विश्व क्रिकेट में कई साल तक अपना दबदबा बनाए रखा।

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