IND-W vs AUS-W: ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की कप्तान एलिसा हीली (Alyssa Healy) ने अपने आखिरी वनडे मुकाबले को यादगार बनाते हुए भारत के खिलाफ होबार्ट में ऐतिहासिक पारी खेली। यह मुकाबला न सिर्फ उनके करियर का अंतिम ODI रहा, बल्कि उन्होंने इसे रिकॉर्ड्स की बरसात के साथ विदा कहा। सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरते हुए हीली ने आक्रामक शुरुआत की और भारतीय गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बना दिया। सिर्फ 79 गेंदों पर शतक पूरा करने के बाद उन्होंने रफ्तार और तेज की और 158 रन की शानदार पारी खेलकर ऑस्ट्रेलियाई पारी को 400 के पार (409/7, 50 ओवर) पहुंचाने में मजबूत आधार देने का काम किया।
आखिरी वनडे में शतक, खास क्लब में एंट्री
अपने करियर के अंतिम वनडे में शतक जड़ना अपने-आप में बड़ी उपलब्धि है। हीली यह कारनामा करने वाली महिला वनडे क्रिकेट की सिर्फ दूसरी खिलाड़ी बनीं। इससे पहले यह उपलब्धि 2007 में दक्षिण अफ्रीका की जोहमारी लोगटेनबर्ग ने हासिल की थी। दबाव भरे मुकाबले में कप्तानी जिम्मेदारी निभाते हुए हीली का यह शतक उनके अनुभव, आत्मविश्वास और बड़े मैचों की भूख को दर्शाता है।
तेजतर्रार 150, दिग्गजों की सूची में नाम
एलिसा हीली ने इस पारी में एक और कीर्तिमान अपने नाम किया। वह महिला वनडे क्रिकेट में दूसरी सबसे तेज 150 रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। उन्होंने 95 गेंदों पर यह आंकड़ा छुआ। इस सूची में उनसे आगे केवल न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन हैं, जिन्होंने 93 गेंदों पर 150 रन बनाए थे। हीली की टाइमिंग, कवर ड्राइव और पुल शॉट्स ने दर्शकों को बांधे रखा।
भारत के खिलाफ सबसे बड़ी पारी
इस मुकाबले ने एक पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। भारत के खिलाफ महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अब एलिसा हीली के नाम है। इससे पहले 2006 में इंग्लैंड की क्लेयर टेलर ने भारत के खिलाफ 156* रन बनाए थे। हीली ने 158 रन बनाकर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और इतिहास रच दिया।
वनडे करियर का प्रभावशाली सफर
एलिसा हीली का वनडे करियर निरंतरता, आक्रामकता और बड़े मुकाबलों में प्रभाव छोड़ने की मिसाल रहा है। उन्होंने 10 फरवरी 2010 को न्यूज़ीलैंड महिला टीम के खिलाफ एडिलेड ओवल में वनडे क्रिकेट में कदम रखा और लगभग 16 साल बाद 27 फरवरी 2026 को भारत महिला टीम के खिलाफ बेलेरिव ओवल (होबार्ट) में अपना अंतिम वनडे खेला। इस लंबे सफर में हीली ने 126 वनडे मैचों में 3777 रन बनाए, जिसमें 8 शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं। 37 से अधिक का औसत और 100 से ऊपर का स्ट्राइक रेट उनके आक्रामक और आधुनिक बल्लेबाजी अंदाज़ को साफ दर्शाता है। एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर उनकी बहुआयामी भूमिका ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को कई निर्णायक जीत दिलाईं और उन्हें महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों की कतार में खड़ा किया।
टीम इंडिया के लिए चुनौती, ऑस्ट्रेलिया को बढ़त
हीली की पारी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ दिया। भारतीय गेंदबाजों ने प्रयास जरूर किए, लेकिन पिच पर सेट हो चुकी हीली को रोकना मुश्किल साबित हुआ। कप्तानी पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने मजबूत स्कोर खड़ा किया और मैच पर नियंत्रण बनाया।
एक यादगार विदाई
अंततः एलिसा हीली का यह आखिरी वनडे सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि एक युग का समापन था। रिकॉर्ड्स, कप्तानी जिम्मेदारी और आक्रामक अंदाज—सब कुछ एक साथ देखने को मिला। भारत के खिलाफ रचा गया यह इतिहास आने वाले समय तक महिला क्रिकेट के सुनहरे पन्नों में दर्ज रहेगा।









