Sharad Purnima 2021: आज देशभर में शरद पूर्णिमा व्रत का पर्व मनाया जा रहा है। आज रात्रि के प्रहर में माता लक्ष्मी के साथ कुबेर की पूजा विधि विधान से की जाएगी। दोनों की कृपा से जीवन में धन, सुख, समृद्धि और वैभव प्राप्त होता है। मान्यता है कि आज शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा औषधीय गुणों से युक्त होता है। आज रात खुले आसमान के नीचे खीर रखने और उसे खाने की भी परंपरा है। यह खीर खाने से कई रोगों से मुक्ति मिलती है।
शरद पूर्णिमा से कार्तिक स्नान भी प्रारंभ हो गया है। राजस्थान में अजमेर के तीर्थराज पुष्कर में 20 अक्तूबर से शरद पूर्णिमा से एक माह का कार्तिक स्नान शुरू हो गया है। मंदिरों की नगरी पुष्कर में श्रद्धालु बहुत ही श्रद्धा और आस्था के साथ पवित्र सरोवर में शरद पूर्णिमा से कार्तिक स्नान शुरू करेंगे जो आगे अगले माह 19 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के महास्नान के साथ संपन्न होगा।
इस तरह करें मां लक्ष्मी की पूजा

शरद पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा विधि-विधान से करने पर घर में संपन्नता का वास होता है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से माता प्रसन्न होतीं हैं। लेकिन अगर ऐसा संभव नहीं तो नहाने के पानी में कुछ बूंदें गंगाजल की डाल लें और उससे स्नान करें। पूजा के स्थान को भी गंगाजल से अच्छी तरह धो लें और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। माता को लाल रंग की चुनरी ओढाएं। धूप-दीप आदि से उनकी पूजा करें। तत्पश्चात माता लक्ष्मी की चालीसा का पाठ करें।
शरद पूर्णिमा के दिन न करें ये काम

शरद पूर्णिमा के दिन मांस-मछली का सेवन करने से बचे। शराब को गलती से भी हाथ न लगाएं। आज के दिन गुस्सा न करें। सभी से मधुर बोली बोलें। इस दिन किसी को भी कर्ज देने या लेने से बचें। सूर्यास्त के बाद धन का दान न करें, मान्यता है कि इससे घर की लक्ष्मी नाराज़ होतीं हैं और घर में दरिद्रता आती है।
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