कैंसर दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है, जो शरीर में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है। इस बीमारी के 200 से अधिक प्रकार होते हैं, और इसका निदान जितनी जल्दी हो जाए, इलाज की संभावना उतनी ही अधिक होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर का प्रारंभिक चरण में पता चल जाए तो 70% मामलों में इसका सफल इलाज संभव हो सकता है। हालांकि, कुछ लोगों में इसके लक्षण जल्दी उभरते हैं, जबकि कुछ में देर से दिखाई देते हैं। यह काफी हद तक उनकी जीवनशैली, अनुवांशिक कारकों और चिकित्सा इतिहास पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं, किन लोगों में कैंसर के लक्षण सबसे पहले दिख सकते हैं और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
किन लोगों में कैंसर के लक्षण जल्दी दिखते हैं?
जेनेटिक फैक्टर वाले लोग
यदि परिवार में पहले किसी को कैंसर हुआ है, तो आनुवंशिक रूप से इसका खतरा बढ़ सकता है। खासकर स्तन कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और कोलन कैंसर के मामले अनुवांशिक हो सकते हैं।
धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करने वाले
अधिक धूम्रपान करने वाले और शराब पीने वालों में फेफड़ों, मुंह और लिवर कैंसर के लक्षण जल्दी दिख सकते हैं। इन आदतों से शरीर में जहरीले तत्व जमा होते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें कैंसर जैसी बीमारियों का अधिक खतरा रहता है। एचआईवी/एड्स या ऑटोइम्यून डिजीज से पीड़ित लोगों में कैंसर के लक्षण जल्दी उभर सकते हैं।
रेडिएशन और केमिकल के संपर्क में आने वाले लोग
फैक्ट्रियों में काम करने वाले, रेडिएशन के संपर्क में रहने वाले और केमिकल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में कैंसर के शुरुआती लक्षण जल्दी दिख सकते हैं।
अनहेल्दी जीवनशैली अपनाने वाले लोग
असंतुलित आहार, जंक फूड का अधिक सेवन, व्यायाम की कमी और मोटापा कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। खासतौर पर कोलन, स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
- अचानक वजन कम होना – बिना किसी वजह के तेजी से वजन कम होना कैंसर का प्रारंभिक संकेत हो सकता है।
- लगातार खांसी और गले में खराश – यदि यह समस्या 2-3 हफ्ते से अधिक बनी हुई है, तो यह फेफड़े या गले के कैंसर का लक्षण हो सकता है।
- त्वचा में असामान्य बदलाव – कोई तिल, धब्बा या मस्सा अचानक बड़ा हो जाए या उसका रंग बदल जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- खून की कमी (एनीमिया) – यदि बार-बार कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है।
- लगातार थकान रहना – बिना किसी मेहनत के भी अत्यधिक थकान महसूस होना एक गंभीर संकेत हो सकता है।
- शरीर में गांठ का बनना – स्तन, गर्दन, पेट या शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ बनना कैंसर का संकेत हो सकता है।
- पेट से जुड़ी समस्याएं – लंबे समय तक कब्ज, डायरिया या मल में खून आना कोलन कैंसर की ओर इशारा कर सकता है।
कैंसर के लक्षणों को जल्द पहचानकर समय रहते इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।
DISCLAIMER: यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी लक्षण को गंभीरता से लेने और उचित चिकित्सा परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।