Union Budget 2026 Live: EV बैटरियां, कैंसर-शुगर की दवाएं सस्ती, शराब होगी महंगी…वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सामप्त किया भाषण

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Union Budget 2026 Live: नई दिल्ली से इस वक्त देश की सबसे अहम आर्थिक गतिविधि जारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट पेश किया। सुबह 11 बजे शुरू हुआ उनका बजट भाषण (लगातार 9वां बजट भाषण) दोपहर 1 बजे तक चला, जिसमें उन्होंने संसद में अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनाए रखने और दीर्घकालिक विकास को गति देने पर जोर दिया।

संसद भवन में बजट पेश होते ही देशभर में टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर लोग हर घोषणा पर नजर बनाए हुए हैं। यह बजट ऐसे समय आ रहा है जब वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, महंगाई के दबाव और विकास दर को बनाए रखने की जरूरत—तीनों ही सरकार के सामने बड़ी प्राथमिकताएं हैं।

Union Budget 2026 Live: शीर्ष सरकारी कार्यालयों के आतिथ्य खर्च में बढ़ोतरी

केंद्रीय बजट 2026-27 में मंत्रिपरिषद, कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और राज्य अतिथियों के स्वागत-सत्कार व आधिकारिक मनोरंजन से जुड़े खर्चों के लिए 1,102 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह प्रावधान पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 978.20 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है, जो इस मद में खर्च बढ़ने का संकेत देता है।

Union Budget 2026 Live: क्या सस्ता, क्या महंगा?

बजट 2026 में आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव किए गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कुछ वस्तुओं पर टैक्स में राहत दी है, जिससे वे सस्ती होंगी, जबकि कुछ सेक्टरों पर बोझ बढ़ाया गया है।

इस बार बजट में लेदर से जुड़े उत्पाद, कपड़ा, सिंथेटिक फुटवियर और जूते सस्ते किए गए हैं। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चमड़े और कपड़े के एक्सपोर्ट पर भी राहत दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए कैंसर की 17 दवाओं और शुगर की दवाओं पर शुल्क कम किया गया है। इसके अलावा माइक्रोवेव ओवन, सोलर एनर्जी से जुड़ी सामग्री, सोलर ग्लास, EV बैटरियां, बायोगैस मिश्रित CNG और विमान निर्माण से जुड़ी कुछ वस्तुएं भी सस्ती होंगी। एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए विमानों के ईंधन पर भी राहत दी गई है। विदेशी यात्रा पर भी कुछ कर राहत के संकेत मिले हैं।

वहीं दूसरी ओर, कुछ क्षेत्रों में महंगाई बढ़ सकती है। बजट में मिनरल्स, स्क्रैप और शराब पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे ये चीजें महंगी होंगी। कुल मिलाकर यह बजट उपभोक्ता वस्तुओं, हरित ऊर्जा और हेल्थकेयर को राहत देता है, जबकि चुनिंदा इंडस्ट्रियल सेक्टर पर दबाव बढ़ाता है।

Union Budget 2026 Live: आय कर पर बड़ा ऐलान

सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान की घोषणा की है। इसके साथ ही करदाताओं को राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म को और सरल बनाने की बात कही गई है, ताकि टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो सके।

घोषणा के अनुसार नया आयकर कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। वहीं करदाताओं को सुविधा देते हुए संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) 31 मार्च तक दाखिल करने की अनुमति होगी।

सरकार का मानना है कि इन कदमों से टैक्स प्रणाली अधिक व्यवस्थित होगी और अनुपालन (compliance) बढ़ेगा।

Union Budget 2026 Live: राज्यों को मिलेंगे 1.4 लाख करोड़ रुपये- वित्त मंत्री

बता दें कि16वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंप दी है और उसकी सिफारिशों को मंजूरी भी मिल चुकी है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन्हीं सुझावों के आधार पर वित्त वर्ष 2026–27 में राज्यों को करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं। यह राशि खास तौर पर ग्रामीण और शहरी विकास से जुड़े कार्यों पर खर्च की जाएगी, ताकि बुनियादी ढांचे और स्थानीय सुविधाओं को मजबूती मिल सके।

Union Budget 2026 Live: देश में 3 नए एम्स का ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) बनाने का ऐलान किया है.

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री राजकोषीय घाटा, पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर), इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और सामाजिक योजनाओं के लिए फंड आवंटन जैसे बड़े विषयों पर विस्तार से बात कर रही हैं। खास तौर पर मिडिल क्लास को टैक्स में राहत, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, स्टार्टअप्स को बढ़ावा और कृषि क्षेत्र के लिए नई घोषणाओं पर सबकी नजरें टिकी हैं।

इसके अलावा रेलवे, डिजिटल इंडिया, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सेक्टर में निवेश को लेकर भी बड़े ऐलान होने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग जगत इस बात पर फोकस कर रहा है कि सरकार मैन्युफैक्चरिंग और ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने के लिए क्या नई नीतिगत सहायता देती है।

बजट से जुड़े सभी दस्तावेज भाषण के बाद संसद में पेश किए जाएंगे, जिनमें आय-व्यय का पूरा ब्योरा शामिल होगा। देश अब इन घोषणाओं के जमीनी असर का इंतजार कर रहा है।