Swadesh Conclave 2024 : स्वदेश कान्क्लेव का आयोजन गुरुवार (8 अगस्त,2024) को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में किया गया। इस प्रतिष्ठित वार्षिक स्वदेश कॉन्क्लेव – ‘ब्रांड भारत’ का आयोजन बालाजी फाउंडेशन, एपीएन न्यूज और इंडिया लीगल द्वारा किया गया। कई प्रमुख राजनीतिक दिग्गज, न्यायाधीश, वरिष्ठ पत्रकार, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और फिल्मी हस्तियां इस कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में कुल मिलाकर 5 सेशन हुए। स्वदेश कॉन्क्लेव 2024 के प्रथम सत्र का उद्घाटन पूर्व CJI एन वी रमना मशहूर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गायिका उषा उत्थुप और मैनकाइंड फार्मा के एमडी राजीव जुनेजा के स्वागत से हुआ। “ब्रांड भारत” पर राजनेताओं और कला क्षेत्र के दिग्गजों ने अपने–अपने विचारों को रखा और इसपर डिबेट भी हुई।
इसके अलावा, चर्चित रिएलिटी शो “बिग बॉस” के नैरेटर विजय विक्रम सिंह समारोह के उद्घोषक थे। विक्रम एक वॉइस ओवर आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हैं। उन्होंने अपने टैलेंट का प्रदर्शन करके श्रोताओं का मनोरंजन किया।
स्वदेश कॉन्क्लेव 2024 के प्रथम सत्र की शुरुआत में एपीएन न्यूज की एडिटर इन चीफ राजश्री राय ने ‘ब्रांड भारत’ थीम को समझाया और कहा कि भारत असल में क्या है? कौन हैं जो भारत को भारत बनाते हैं, ब्रांड भारत एक तलाश का नाम है।

वरिष्ठ अधिकवक्ता प्रदीप राय और पूर्व CJI एनवी रमना ने द्वीप प्रज्वलित किया और गायिका उषा उत्थुप ने गणेश वंदना गाकर स्वदेश कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने कहा, जस्टिस रमना का कार्यकाल हम आज भी मिस करते हैं, उन्होंने अपने कार्यकाल में 250 हाई कोर्ट न्यायधीशों और 9 सुप्रीम कोर्ट न्यायधीशों को अप्वाइंट करवाने में अहम योगदान दिया। जस्टिस रमना ने सिर्फ बेंच को ही नहीं बल्कि ‘बार’ को भी अपने काम से प्रभावित किया। कानून जगत के लोग जस्टिस रमना के योगदान को समझते हैं और सराहते हैं। साथ ही उन्होंने मशहूर गायिका उषा उत्थुप का धन्यवाद करते हुए कहा, “आपने बचपन से हमें मनोरंजित किया है। आपको इस इंडस्ट्री में काम करते हुए 54 वर्ष बीत चुके हैं, हम सभी की यही आशा है कि आगे भी 54 वर्ष गाती रहें और भारत के गौरव को बढ़ाएं…”।
नितिन गडकरी ने स्वदेश कॉन्क्लेव 2024 को संबोधित करते हुए कहा, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। हमारी सरकार का उद्देश्य है कि भारत तीसरी बड़ी इकोनॉमी बने। भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।”

नितिन गडकरी ने आगे कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ाना हैं, साथ ही गांव और किसान को एनर्जी और पावर से जोड़ना है। किसान अन्नदाता ही नहीं ऊर्जादाता भी हैं। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए ग्रामीण इलाकों का विकास जरूरी है। ग्रामीण, जंगलों, ट्राइबल इलाकों में 65 प्रतिशत आबादी है, लेकिन जीडीपी में इनका योगदान केवल 14 प्रतिशत है, यह बदलना है।”
स्वदेश कॉन्क्लेव 2024 में बोलते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि देश आर्थिक विकास के मामले में आगे बढ़ चुका है और विकसित भारत बनने की राह पर है। उन्होंने कहा कि यदि जैव ईंधन का उपयोग भारत के ईंधन आयात बिल को कम करने के साथ साथ कृषि में सुधार के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल उद्योग किसानों के लिए एक वरदान साबित होगा। इथेनॉल की मांग बढ़ने वाली है, जिससे भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को नया आकार मिलेगा।
स्वदेश कॉन्क्लेव 2024 के उद्घाटन सत्र संबोधन में पूर्व CJI एनवी रमना ने कहा कि जनसंख्या की तुलना में न्यायाधीशों का अनुपात भी बहुत कम है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अदालतों ने भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत के लोगों को न्यायपालिका पर बहुत भरोसा है और न्याय देना इस पहलू में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मैं उन सभी न्यायधीशों को धन्यवाद देता हूं और सराहना करता हूं जिन्होंने अपनी संवैधानिक शपथ का मान रखते हुए कार्य किया है। अदालतों में पेंडिंग केस चिंता का विषय है, न्याय के सभी मंचों पर जजों की बहाली जल्द कराने की कोशिश होनी चाहिए।

पूर्व CJI एनवी रमना के बाद मैनकाइंड फार्मा के एमडी राजीव जुनेजा ने कार्यक्रम के संबोधन में कहा, “भारत में बनी दवाएं देश की ब्रांडिंग है। भारत का फार्मास्युटिकल योगदान महान रहा है।” स्वदेश के विकास में अधिक निवेश का आह्वान करते हुए जुनेजा ने कहा कि भारत के पास कौशल तो है लेकिन अभी निवेश और अनुसंधान की कमी है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विश्वव्यापी ब्रांड बनाना है तो समय और श्रम पर संयम रखना होगा। राजीव जुनेजा के संबोधन के बाद प्रथम सत्र का समापन हुआ।