Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने Covid-19 से मरने वालों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने के मामले में आंध्र प्रदेश और बिहार के मुख्य सचिवों को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की वजह से मरने वालो के परिजनों को मुआवजे दिए जाने में कोताही करने पर नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेश के बावजूद परिजनों को मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एमआर शाह ने मुआवजा देने के मामले में कमी के चलते आंध्र प्रदेश और बिहार के मुख्य सचिवों को आज ही कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
Supreme Court ने कहा- कोई भी कानून से ऊपर नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट बुधवार दोपहर 2 बजे मामले की सुनवाई दोबारा करेगा। वहीं आज केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मुआवजे के लिए आए आवेदनों में 80 प्रतिशत लोगो को मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है। बता दें कि जस्टिस एमआर शाह और संजीव खन्ना की बेंच ने मुख्य सचिवों को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोर्ट के सामने मौजूद रहने को कहा है।
Supreme Court ने एनडीएमए के विवेक पर छोड़ा था फैसला
अदालत ने आदेश दिया है कि “वे कानून से ऊपर नहीं हैं। उन्हें दोपहर 2 बजे उपस्थित होने के लिए कहा गया है। यह आदेश उन लोगों के परिवार के सदस्यों को 4 लाख के अनुग्रह मुआवजे के भुगतान से संबंधित याचिका पर पारित किया गया है, जिन्होंने Covid-19 के कारण दम तोड़ दिया था। बता दें कि 30 जून, 2021 को, शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को आदेश दिया था कि वह उन व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों को अनुग्रह मुआवजे के भुगतान के लिए दिशानिर्देश तैयार करे, जिन्होंने कोविड -19 के कारण दम तोड़ दिया था। न्यायालय ने अनुग्रह सहायता के रूप में प्रदान की जाने वाली राशि के बारे में निर्णय लेने का अधिकार एनडीएमए के विवेक पर छोड़ दिया था।

गौरतलब है कि इसके बाद, केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के समक्ष एक हलफनामा दायर किया था जिसमें कहा गया था कि उसने Covid-19 से मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की सिफारिश की है। कोर्ट ने अक्टूबर 2021 में केंद्र की इस दलील को स्वीकार कर लिया था कि मृतक के परिजनों को 50,000 रुपेय का भुगतान किया जाएगा। अदालत ने पिछले साल पारित एक आदेश में कहा था कि मृतक के अगले परिजनों को 50,000 रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा।
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