Pradhanmantri Sangragalaya:दिल्ली के तीन मूर्ति-हाइफा चौक स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय आजकल चर्चा में है। देश में इस संग्रहालय को लेकर सियासी संग्राम मचा हुआ है। दरअसल, यहां स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी का नाम बदल दिया गया है। अब इसका नाम ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय एंड लाइब्रेरी सोसाइटी’ कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेता हमलावर हैं। वहीं, बीजेपी के नेता भी इस मामले पर अपनी राय और बात रख रहे हैं। कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि आप(केंद्र की बीजेपी सरकार) पंडित नेहरू का नाम बोर्ड से हटा देंगे लेकिन लोगों के दिलों से कैसे निकालेंगे?

Pradhanmantri Sangragalaya: देश के लोग नेहरू जी को आधुनिक भारत का निर्माता मानते हैं- कांग्रेस
नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी सोसाइटी का नाम बदलने पर सबसे अधिक कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है। कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने बीजपी और केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा,”उन्हें लगता है कि बोर्ड से जवाहरलाल नेहरू का नाम हटाने से उनका व्यक्तित्व कम हो जाएगा। देश के लोग नेहरू जी को आधुनिक भारत का निर्माता मानते हैं।” उन्होंने आगे कहा,”मैं मोदी जी को याद दिलाना चाहता हूं वाजपेयी जी के एक बयान की – छोटे मन से कोई बड़ा नहीं बनेगा। आप देश के सामने अपनी ओछी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। आप पंडित नेहरू का नाम बोर्ड से हटा देंगे लेकिन लोगों के दिलों से कैसे निकालेंगे?”
वहीं, राज्यसभा सांसद और उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा,”पंडित नेहरू ने देश को बनाने में योगदान दिया है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में भी योगदान दिया था। देश में कई प्रधानमंत्री हुए और सभी ने देश के लिए काम किया है। लेकिन संग्रहालय का नाम बदलने की जरूरत नहीं थी।” उन्होंने आगे कहा,”नेहरू के नाम से ही संग्रहालय चल सकता था। उसी में आप बड़ा सेक्शन बनाकर सभी को दे सकते थे। लेकिन आप(केंद्र की बीजेपी सरकार) पंडित नेहरू जी के नाम से नफरत करते हो इसलिए ये हुआ है।”

कांग्रेस को अपने खानदान के अलावा कुछ नहीं दिखता- सुशील मोदी
वहीं, इस मामले पर बिहार से पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कहां योगदान कम किया जा रहा है? सुशील मोदी ने कहा,”कांग्रेस के लोगों ने तो उनकी(पंडित नेहरू) योगदान को ठीक से प्रदर्शित ही नहीं किया। मैं म्यूजियम को देखने के लिए गया था। पहले उनके केवल कुछ बिस्तर, कुर्सी, टेबल और कुछ कागजात यही सब तो रखा हुआ था। अब जाकर देखिए जो नेहरू जी वाला हिस्सा है उसको कितने बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा,”भारत की संविधान बनाने में भी पंडित नेहरू की बड़ी भूमिका थी। तो उस हिस्से के अंदर संविधान निर्माण की पूरी प्रक्रिया को, पूरी चीजों को चित्रों के साथ इतने बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया गया है।”
सुशील मोदी ने आगे कहा,”पहले उसका नाम पंडित नेहरू के नाम पर होने में कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन वो पूरा म्यूजियम केवल पंडित नेहरू पर केंद्रित था। लेकिन जब इस म्यूजियम के अंदर देश के सभी प्रधानमंत्री के योगदान को दर्शाया गया है तब उसका नाम केवल पंडित नेहरू के नाम पर क्यों होना चाहिए?”

उन्होंने कहा,”वो तो नरेंद्र मोदी के नाम पर तो घोषित नहीं किया जा रहा है। ये तो प्रधानमंत्री का म्यूजियम है न। जो भी प्रधानमंत्री रहे हैं उनका हैं उनका यह म्यूजियम है। तो इसलिए इसपर कांग्रेस बड़ी ओछी राजनीति कर रही है। उनको(कांग्रेस) अपने खानदान और सम्राज्य के अलावा कोई दिखाई नहीं पड़ता है। उनकों(कांग्रेस) मोतियाबिंद नहीं बल्कि मोदीबिंद हो गया है। हर चीज के अंदर मोदीफोबिया। अरे भाई नरेंद्र मोदी ने अपने नाम से इसका थोड़े ही नामकरण कर रहे हैं? वो तो सभी प्रधानमंत्रियों को समर्पित है इसलिए इसपर किसी प्रकार का विवाद उचित नहीं है।”
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