देश भर में नवरात्री का महापर्व चल रहा है। इस दौरान श्रद्धा और उत्साह से लबरेज लोग देवी दुर्गा की आराधना अपने अपने अंदाज़ और मान्यताओं के अनुसार करते हैं। कुछ लोग इस दौरान नौ दिन तक उपवास रख कर माँ की भक्ति करते हैं। इस पावन पर्व को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उपवास रख कर मनाते हैं। देश के सबसे व्यस्त लोगों में से एक प्रधानमंत्री इस दौरान बिना अन्न सिर्फ गर्म पानी,दूध और जूस का सेवन करते हैं। उपवास और तरल पदार्थों के सेवन के बावजूद भी प्रधानमंत्री की दिनचर्या में बदलाव देखने को नहीं मिलता है। इस दौरान भी वह सामान्य दिनों की तरह कई बैठकों कार्यक्रमों और अपने कामों को निपटाते नजर आते हैं।
प्रधानमंत्री उपवास के दौरान भी अपने काम में लीन रहते हैं। व्रत के कारण उनके काम के प्रति समर्पण और क्षमता में कोई कमी नहीं होती है। हर नवरात्र की तरह इस बार भी पीएम कई कार्यकर्मों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। अब तक पीएमओ से प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की सूची में जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक आज दिन भर के कई कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री देश में पहली बार आयोजित हो रहे स्मार्ट इंडिया हैकथॉन के फाइनल राउंड में देश के ‘टेक’ ब्रेन्स को संबोधित करेंगे। इसके अलावा आज ही वह दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक की अगुवानी करने के साथ कई अहम् मुद्दों पर बात करेंगे।
रविवार के दिन भी प्रधानमंत्री की व्यस्तताओं में कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री रविवार को देश की सबसे बड़ी सुरंग का उद्घाटन करेंगे। यह सुरंग चेनानी-नाशरी रोड पर है। जो जम्मू को श्रीनगर से जोड़ेगा। इसके अलावा वह जम्मू के उधमपुर में जनता को संबोधित भी करेंगे जम्मू जाने से पहले प्रधानमंत्री इलाहाबाद हाईकोर्ट के 150वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में भी शामिल होंगे।
प्रधनामंत्री के इन कार्यक्रमों पर उनके उपवास और व्रत का कोई असर नहीं पड़ता। वह लगातार कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में भक्ति के साथ कर्म ही पूजा है को सूत्र वाक्य माने वाले पीएम आम लोगों के साथ उन सभी नेताओं के लिए एक उदाहरण है जो हमेशा आराम की जिन्दगी और वीआईपी सुविधाओं के बाद भी अपने कर्तव्यों के पालन में विफल रहते हैं।