Makar Sankranti, Pongal और Jallikattu को लेकर देश भर में लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कोरोना गाइडलाइंस के कारण इस साल नदियों में स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ कम देखने को मिली। कई जगहों पर प्रशासन की तरफ से प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। उत्तर भारत में जहां Makar Sankranti को लेकर उत्साह है, वहीं दक्षिण भारत में लोग Pongal का त्योहार मना रहे हैं। आज ही Jallikattu का भी आयोजन हो रहा है।
Makar Sankranti के अवसर पर सूर्य नमस्कार का आयोजन
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि मकर संक्रांति के अवसर पर हमने सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से करीब 75 लाख लोग शामिल होंगे और लोग इसे सफतला प्रदान करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 75 लाख लोगों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार प्रदर्शन में मैंने भाग लिया।
तमिलनाडु में Jallikattu का आयोजन
Jallikattu तमिलनाडु के ग्रामीण इलाक़ों का एक परंपरागत खेल है जो पोंगल त्यौहार पर आयोजित होता है। इस खेल में बैलों से इंसानों की लड़ाई कराई जाती है। जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव तथा संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि ये 2000 साल पुराना खेल है जो उनकी संस्कृति से जुड़ा है। तमिलनाडु में इसका आयोजन किया गया है।
Makar Sankranti 2022 शुभ मुहूर्त

मकर संक्रांति को माघी या मकर संक्रांति के रूप में भी जाना जाता है। हिंदू देवताओं में सूर्य भगवान को समर्पित यह त्यौहार हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है। मकर संक्रांति का यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है। जैसा कि माना जाता है कि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जिसे मकर के नाम से भी जाना जाता है।
मकर संक्रांति पुण्य काल – दोपहर 02:43 से शाम 05:45 तक
अवधि – 03 घण्टे 02 मिनट
मकर संक्रांति महा पुण्य काल – दोपहर 02:43 से रात्रि 04:28 तक
अवधि – 01 घण्टा 45 मिनट
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