नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई पहली वाणिज्यिक उड़ान सिर्फ एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि विकास और जनभागीदारी की एक भावनात्मक कहानी भी बन गई। सोमवार को जेवर से लखनऊ के लिए रवाना हुई पहली उड़ान में वे किसान भी शामिल थे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि उपलब्ध कराई थी। राजधानी लखनऊ पहुंचने पर किसानों के चेहरों पर गर्व, संतोष और खुशी साफ दिखाई दी। कई किसानों ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार अनुभव बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में माना जा रहा है। पहली उड़ान के साथ ही इस परियोजना से जुड़े किसानों को भी विशेष सम्मान मिला। अपनी जमीन देने वाले किसान पहली बार उसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचे, जिसे उन्होंने वर्षों पहले केवल एक सपने के रूप में देखा था।
जेवर क्षेत्र की निवासी पूनम ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत हुई थी। उन्होंने कहा कि हवाई जहाज में बैठना उनके जीवन का पुराना सपना था, जो अब साकार हुआ है। पूनम ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार सरकार ने किसानों को केवल मुआवजा ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा से भी जोड़ा।
किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा कि गांव में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट बनने से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसानों से किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया गया है।
उड़ान में शामिल अन्य यात्रियों में हाजी जफर भी थे। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद भावुक करने वाला रहा। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों से संवाद स्थापित किया गया और उनकी सहमति को प्राथमिकता दी गई। उनके अनुसार आज जब वही किसान हवाई यात्रा कर रहे हैं तो यह विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचा विकास का लाभ सभी वर्गों तक पहुंच रहा है।
महिला किसानों में भी इस अवसर को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। किसान सुमन ने कहा कि उन्होंने पहली बार विमान यात्रा की और वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होने की खुशी शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। वहीं मीनू ने कहा कि हवाई जहाज से अपने क्षेत्र और जमीन को ऊपर से देखना एक अनोखा अनुभव था। उनके अनुसार यह केवल यात्रा नहीं, बल्कि बदलाव और प्रगति का एहसास था।
किसान इकबाल कल्लू ने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए भूमि देने के बाद अब उसी परियोजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलते देखना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को विकास का साझेदार बनाया है, जो इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई सरकारें देखी हैं, लेकिन विकास की ऐसी गति पहले कभी नहीं देखी। उनके अनुसार किसानों को इस प्रकार सम्मान देना लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वहीं जयकरण सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट आने वाली पीढ़ियों के लिए रोजगार, व्यापार और नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान ने यह संदेश भी दिया कि विकास परियोजनाएं तभी सफल मानी जाती हैं जब उनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित हो। किसानों की मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक उड़ान को और भी विशेष बना दिया। जेवर से लखनऊ तक का यह सफर केवल दूरी तय करने का माध्यम नहीं था, बल्कि उन सपनों की उड़ान थी, जो वर्षों पहले जमीन देने वाले किसानों ने देखे थे और आज उन्हें साकार होते हुए महसूस किया।









