राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक मस्जिद के बाहर अचानक हिंसा भड़कने से इलाके में तनाव फैल गया। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के चौमूं कस्बे में स्थित एक मस्जिद के बाहर पत्थर हटाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि हालात बेकाबू हो गए। आरोप है कि पुलिस द्वारा रोकने पर समुदाय विशेष से जुड़े कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। यह घटना शुक्रवार (26 दिसंबर) तड़के करीब 4 बजे की बताई जा रही है। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
क्या है पूरे विवाद की वजह
बताया जा रहा है कि चौमूं तहसील के बस स्टैंड के पास स्थित मस्जिद के बाहर एक पत्थर लगा हुआ था, जिसे हटाने को लेकर पहले प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच सहमति बन गई थी। इसके बावजूद देर रात मस्जिद से जुड़े कुछ लोगों ने वहां रेलिंग लगाकर बाउंड्री निर्माण का काम शुरू कर दिया। जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवाने की कोशिश की, तो विरोध शुरू हो गया। पुलिस की सख्ती के बाद स्थिति और बिगड़ गई और पथराव शुरू हो गया।
हंगामा देर तक चलता रहा। हालांकि पुलिस की कार्रवाई के बाद फिलहाल मौके पर शांति बनी हुई है और हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर घटनास्थल और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी
पुलिस और उपद्रवी भीड़ के बीच हुए पथराव में करीब छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चौमूं बस स्टैंड क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हर चौराहे पर पुलिस की तैनाती की गई है और चौमूं कस्बा फिलहाल छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। किसी भी तरह की अफवाह और तनाव को रोकने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है।









