आप सभी जानते हैं कि तमिलनाडु के लोग सुपरस्टार रजनीकांत को स्टार ही नहीं बल्कि भगवान मानते हैं और उनकी पूजा भी करते हैं। रजनीकांत तमिलनाडु में ‘आध्यात्मिक राजनीति‘ का भी वादा कर चुके हैं। वहीं खबर आई है कि सुपरस्टार रजनीकांत हिमालय की आध्यात्मिक यात्रा पर रवाना होंगे। वह शनिवार को चेन्नै से शिमला जाएंगे और वहां से उनका ऋषिकेश और धर्मशाला जाने का कार्यक्रम है। जल्द ही तमिल सियासत में कदम रखने जा रहे सुपरस्टार रजनीकांत दोनों ही जगहों पर आध्यात्मिक गुरुओं से मुलाकात करेंगे और राजनीति के लिए सलाह मांगेंगे।
बताया जा रहा है कि थलैवा अक्सर हिमालय जाते रहे हैं। वहां से वह आध्यात्मिक यात्रा पर जाते हैं लेकिन इस बार वह अपने राजनीतिक भविष्य के लिए गुरुओं से आशीर्वाद और उनकी सलाह लेंगे। बीते हुए 5 मार्च को रजनीकांत ने डॉक्टर एमजीआर एजुकेशनल ऐंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन की प्रतिमा का अनावरण किया था।
यहां पर उन्होंने करीब 5 हजार छात्र-छात्राओं और प्रशंसकों को संबोधित किया था। उन्होंने लोगों से वादा किया कि वह राज्य में नेतृत्व की कमी को पूरा करेंगे और एमजी रामचंद्रन जैसा शासन देंगे। उनके और अभिनेता कमल हासन के राजनीति में आने के ऐलान के बाद से विपक्षी पार्टियों ने काफी हमले किए जिसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राजनेता अपना काम नहीं करते, इसलिए वह राजनीति में कदम रख रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि राजनीतिक सफर आसान नहीं है। यह संघर्षों और रुकावटों के बीच से जाने वाली यात्रा है लेकिन जो शासन एमजीआर ने आम जनता को दिया था मैं वह दे सकता हूं। मुझे भरोसा है कि मैं यह कर सकता हूं।‘ साथ ही उन्होंने लोगों को मजबूत नेतृत्व का भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘जयललिता नहीं रहीं और करुणानिधि बीमार रहते हैं। तमिलनाडु को नेता की जरूरत है। मैं आकर वह खालीपन भरूंगा। भगवान मेरे साथ हैं।‘